बड़ा सवाल - किसकी शह पर सालों से आबाद है अतिक्रमण

- आज से शुरू होगा अतिक्रमण हटाने का कार्य
- नहर पुलिया मार्ग के किनारे जगह-जगह लगी केबिने

पाली। शहर के नहर पुलिया मार्ग पर सडक़ के दोनों किनारे हो रखे अतिक्रमण को
हटाने को लेकर प्रशासन कमर कस रहा है। गुरुवार से इस मार्ग से अतिक्रमण
हटाने की कार्रवाई एक बार फिर से शुरू की जाएगी। लेकिन सवाल उठता है कि
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के कुछ माह फिर से इस मार्ग पर अतिक्रमण
काबिज हो जाते है। आलम यह रहता है कि बड़े-बड़े केबिन, चाय के ढाबे इस
मार्ग पर सरकारी जमीन पर नगर परिषद एवं यातायात पुलिस की शह पर फिर से
काबिज हो जाते है। जिसका स्थाई निर्धारण होना जरूरी है। जब जाकर ही नहर
पुलिया मार्ग वाहन चालकों के लिए सुगम हो सकेगा तथा इस मार्ग पर हादसों
में कमी आ पाएगी।

कहीं दूध तो कही चाय की केबिनें
नहर पुलिया मार्ग पर दुकानों का किराया प्रतिमाह हजारों में है लेकिन नगर
परिषद के डीओसी गैंग व नहर पुलिया पर ड्यूटी देने वाले यातायात
पुलिसकर्मियों की शह पर इस मार्ग के किनारे सरकारी जमीन पर बड़ी-बड़ी
केबिनें काबिज हो जाती है। इनके खिलाफ कौन करें कार्रवाई

नहर पुलिया मार्ग रोड पर स्थित एक मॉल के आगे सरकारी जमीन पर 15 फीट से
अधिक का अतिक्रमण हो रखा है। इससे कुछ आगे बनें बैंकों के बाहर पार्किंग
की सुविधा नहीं होने से बेतरतीब वाहन रोजाना सडक़ किनारे खड़े रहते है।
निजी अस्पतालों ने सडक़ किनारे सरकारी जमीन को फर्श बनाकर उसे पार्किंग
स्थल बना दिया है। जिससे यह मार्ग सकरा हो रखा है। इसके साथ ही इस मार्ग
पर

सरकारी जमीन पर डेयरी पार्लर, फास्टफूड कार्नर
शहर पुलिया स्थित पीसीसीबी बैंक के बाहर एक व्यक्ति ने सरकारी जमीन पर
दूध पार्लर लगा रखा है। तो नया गांव के निकट सडक़ किनारे लगे
ट्रांसफॉर्मर को भी अतिक्रमण की चपेट में लेकर फास्टफूड कॉर्नर सडक़
किनारे आबाद हो रखा है। इससे कुछ आगे ही गर्म कपड़ों की दुकान सडक़
किनारे सजी हुई है।

शहरवासियों की मांग - फिर से अतिक्रमण की भेंट न चढ़े नहर पुलिया मार्ग
नहर पुलिया मार्ग से अस्थाई व स्थाई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूर्व
में भी कई बार हो चुकी है लेकिन कुछ माह बाद ही फिर से यह मार्ग अतिक्रमण
की चपेट में आ जाता है। जिससे यह मार्ग संकरा हो जाता है। शहरवासियों की
मांग है कि इस बार नगर परिषद व प्रशासन ऐसी प्रभावी कार्रवाई करें कि इस
मार्ग पर फिर से सडक़ किनारे केबिनें, ठेले वाले काबिज न हो।

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