यहां भामाशाहों ने खोला दिल और राज भी आया साथ तो हांफती व्यवस्था को मिली संजीवनी

- कोविड को मात देने बांगड़ चिकित्सालय व जिले की सीएचसी में बढ़ाई सुविधाएं
- बांगड़ में तीसरी लहर की आशंका से बदल रहा बच्चा वार्ड

By: Suresh Hemnani

Published: 10 Jun 2021, 07:37 AM IST

पाली। कोरोना की पहली लहर में खौफ अधिक रहा तो दूसरी लहर ने तबाही मचा दी। पहली लहर से दो गुने से अधिक लोगों की जान चली गई। हर किसी की जुबां से एक ही बात निकली काळ आया है। लेकिन, इन विपरीत हालातों में भी बांगड़ चिकित्सालय में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जो आने वाले समय में मरीजों व चिकित्सकों के लिए वरदान साबित होंगे। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी सुविधाओं और चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाया गया है।

इन बदलावों को देखे तो कोविड 19 की पहली व दूसरी लहर में बांगड़ चिकित्सालय में ऑक्सीजन बेड से लेकर वेंटिलेटर बढ़े। प्लाज्मा लेने तक की सुविधा शुरू हो गई। ऑपरेशन कक्षों का जीर्णोद्धार करवाकर उनको भी बदल दिया गया। इसमें भामाशाहों ने भी महती भूमिका निभाई।

पूरे जिले में ऑक्सीजन
दूसरी लहर में ज्यादातर मरीज ऑक्सीजन की कमी वाले आए। गांवों व कस्बों में ऑक्सीजन की सुविधा नहीं होने से बांगड़ चिकित्सालय पर दबाव बढ़ा। इस पर दानदाताओं व जनप्रतिनिधियों ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदकर देने शुरू किए। सांसद की ओर से ही 150 से अधिक कंसंट्रेटर दिए गए। हर पीएचसी पर दो-दो और सीएचसी पर चार-चार कंसंट्रेटर पहुंचाए गए।

पहले 90, अब 150 से अधिक सिलेण्डर
पहली लहर में चिकित्सालय में 90 सिलेण्डर का ऑक्ीसजन प्लांट लगाया गया। अस्पताल के 207 बेड पर ऑक्सीजन पाइप लाइन पहुंचाई। जो अब 240 पर लगा दी गई है। नगर परिषद की ओर से 150 से अधिक ऑक्सीजन सिलेण्डर के प्लांट का निर्माण भी दूसरी लहर में शुरू करवा दिया गया है। अस्पताल में अलग से कोविड ओपीडी की व्यवस्था के साथ ही कई वार्डों में एसी लगवाए गए।

इनका कहना है...
बांगड़ चिकित्सालय में कोरोना की पहली और दूसरी लहर में काफी बदलाव आए। आइसीयू के बेड बढ़े। मातृ-शिशु वार्ड में अब कोविड की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए दानदाताओं के सहयोग से बदलाव करवाया जा रहा है। -डॉ. रफीक कुरैशी, पीएमओ, बांगड़ चिकित्सालय, पाली

चिकित्सालय में यह आए बदलाव
-आठ बेड के आइसीयू वार्ड की जगह अब 40 बेड आइसीयू के हो गए है।
-ऑक्सीजन के लिए वाई पेप (एक तरह का वेंटिलेटर) 50 चिकित्सालय में आई।
-दूसरी लहर में ब्लड बैंक में प्लाज्मा लेने की मशीन लगाकर शुरू की गई।
-चिकित्सालय में 29 वेंटिलेटर पहली व 8 दूसरी लहर में आए।
-मेडिकल कॉलेज में कोविड जांच लेब शुरू हुई। उसकी क्षमता 3 हजार टेस्ट से अधिक प्रतिदिन तक पहुंचाई गई।
-हर वार्ड में नजर रखने के लिए 32 सीसीटीवी कैमेरे दूसरी लहर में ओर लगाए गए।
-200 केवी का जनरेटर विधायक फंड से।
-ऑक्सीजन प्लांट के लिए 125 केवी का नया जनरेटर मांगा गया है, जिससे बिजली जाने पर समस्या नहीं हो।
-दानदाताओं ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, पंखे, इसीजी मशीन सहित कई उपकरण दिए।
-दानदाताओं ने ही अस्पताल के कपड़े धोने की आधुनिक वॉशिंग मशीन उपलब्ध कराई।
-अस्पताल के तीन ऑपरेशन थियरेटर का जीर्णोद्धार करवाया गया।
-बेन सर्किट की व्यवस्था हुई।

Suresh Hemnani
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