VIDEO : एक चिकित्सक ऐसा जो इंटरनेट पर देखकर मरीजों को लिखता था दवा, फर्जी तरीके से चला रहा था अस्पताल

-पाली जिले के सादड़ी, फालना व सुमेरपुर में फर्जी तरीके से चला रहा था अस्पताल
-चिकित्सक की गाड़ी का नम्बर भी फर्जी

By: Suresh Hemnani

Published: 04 Apr 2020, 02:22 PM IST

पाली/बाली/सादड़ी/सुमेरपुर। सुमेरपुर, फालना व सादड़ी में बिना अनुमति के मां आशापुरा मल्टी स्पेशलिटी नाम से संचालित अस्पताल की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए है। यह चिकित्सक इंटरनेट पर दवाओं को सर्च करके पर्ची पर लिखता था। इसकी गाड़ी पर जो नम्बर लिखा है वह भी परिवहन विभाग की किसी अन्य गाड़ी के नाम से पंजीकृत है। इधर, इस चिकित्सक के खिलाफ सादड़ी व बाली में मामला दर्ज कराया है।

देसूरी बीसीएमएचओ डॉ. राजेश राठौड़ की रिपोर्ट पर दर्ज प्रकरण के आधार पर पुलिस ने कथित चिकित्सक राजेन्द्र जगन्नाथ पाल को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से न्यायालय में पेश किया। उसे एक दिन की पुलिस अभिरक्षा में भेज दिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, लेकिन वह सहयोग नहीं कर रहा है।

उपकरण किए जब्त
जिला औषध नियंत्रण बलदेव चौधरी ने इसके अस्पताल पहुंचकर जीवन रक्षक दवाइयों के साथ विभिन्न जांचों के उपकरण, वेंटिलेटर, कार्डियक, मॉनिटर, सीपीसी एनालाइजर आदि उपकरण जब्त किए। जिनका संचालन बिना अनुमति के ही किया जा रहा है। अस्पताल को भी सीज किया गया।

निवास स्थान भी अलग-अलग जगह
सादड़ी पुलिस थानाधिकारी गिरधरसिंह भाटी ने बताया कि चिकित्सक राजेन्द्र जे पाल के गिरफ्तारी की सूचना बीजापुर निवासी एक महिला को दी। इसके बावजूद इसके परिजनों पता नहीं लगा है। चिकित्सक के दस्तावेजों में निवास दिल्ली, मुम्बई व श्रीनगर कई जगह बताया गया है।

कई दवाइयों का नहीं किया जाता उपयोग
अस्पताल की जांच में कई ऐसी दवाइयां भी मिली है। जिनका उपयोग एलोपैथी चिकित्सा पद्धति में नहीं किया जाता है। चिकित्सक की पूना व मुम्बई से ली गई डिग्री भी प्रथम जांच में फर्जी लगी है। अस्पताल संचालन का भी कोई दस्तावेज नहीं मिला है।

बता रहा अमरीका में रहते परिजन
चिकित्सक ने पूछताछ में यह भी बताया कि उसके परिजन अमरीका में रहते है। उनसे अब उसका कोई नाता नहीं है। इस चिकित्सक का कमीशन मुम्बई व अहमदाबाद के अस्पतालों में भी तय होना सामने आया है।

पत्रिका अलर्ट : ऐसे चिकित्सकों से सावधान रहना जरूरी
अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ जिला महासचिव डॉ. अविनाश चारण ने बताया कि ऐसे चिकित्सकों से सावधान रहना जरूरी है। इसकी जांच में कई परतें खुल रही है। दवाएं भी नकली मिली है। अस्पताल में जाने पर मरीजों को उसके नाम या चकाचौंध के बजाय चिकित्सक की डिग्री के बारे में तो जानकारी मांगनी ही चाहिए।

Suresh Hemnani Desk
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