नकली मावा तस्करी : बीकानेर का हजारों किलो नकली मावा मारवाड़ में खपाने की तैयारी

- मिलावटी मावा की खपत हुई तो खतरनाक हो सकते हैं परिणाम
- निजी बसें बन रही परिवहन का साधन

By: Suresh Hemnani

Published: 29 Oct 2020, 08:50 AM IST

पाली। नकली मावे का कारोबार करने वाला गिरोह दीपावली को देखते हुए फिर सक्रिय हो गया है। खासकर बीकानेर व जोधपुर जिले के फलोदी क्षेत्र से यह नकली मावा पैक होकर मारवाड़-गोडवाड़ भेजने की तैयारी चल रही है। अवैध कारोबारी हजारों किलो नकली मावा यहां खपाने की तैयारी में है। इसका परिवहन निजी बसों व निजी साधनों से हो सकता है। फिलहाल दीपावली से पहले कोई कार्रवाई इन पर नहीं हुई है। शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चल रहा है, इस बीच यह कार्रवाई महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इधर, चिकित्सकों ने चेताया है कि नकली मावे से बनी मिठाइयां खाना सेहत के लिए बेहद खतरनाक है।

मारवाड़ में मांग अधिक, इसलिए अवैध कारोबार
बीकानेर के लूणकरनसर, श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के गांवों में मावा बनाने के बायलर लगे हैं, साथ ही जोधपुर के फलोदी व लोहावट के पीलवा क्षेत्र में मावा का कारोबार दशकों से है। फलोदी के बड़ली कलां में भी कई वर्षों से मावे का कारोबार होता है। इसलिए मारवाड़ क्षेत्र के लगभग सभी शहर और कस्बों में इन क्षेत्रों से मावे की आपूर्ति होती है। दीपावली के समय पाली, जालोर व सिरोही क्षेत्र में मावे की मांग कई गुना बढ़ जाती है। इन क्षेत्रों में दूध के उत्पादन व खपत को देखते हुए मावा उतना नहीं बन पाता है, जितना चाहिए। जानकारों की माने तो ऐसे में कारोबारी बीकानेर व फलोदी से मावा मंगवाते है। इस मौके पर नकली मावा तैयार कर पाली क्षेत्र में भेजने की तैयारी चल रही है।
सोमेसर। निकटवर्ती जवाली में बुधवार को उपखण्ड अधिकारी गोमती शर्मा व फू ड इंस्पेक्टर दिलीपसिंह की देखरेख में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के लिए मिठाई की दुकानों व दूध की डेयरी से सैम्पल लिए गए।

मिठाइयों की गुणवत्ता जांची
रोहट। कस्बे में बुधवार को शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत मिठाइयों की दुकानों से सैम्पल लिए गए। रोहट कस्बे की छह दुकानों की जांच की गई। अभियान के तहत रोहट में तहसीलदार प्रवीण चौधरी, प्रवर्तन निरीक्षक जितेन्द्र सिंह आशिया, उपप्रबंधक जिला दुग्ध उत्पादक समिति से एस पी गहलोत, सीएसएच से डूंगरराम की टीम रोहट पहुंची, जहां छह दुकानों पर जांच की। उन्होंने कैमिकल डालकर जांच की।

कैंसर कोशिकाएं होती है विकसित
नकली मावे से बनी मिठाइयों में जहरीले तत्व होते हैं, जो गुर्दा व लीवर को नुकसान पहुंचाता है। कैंसर कोशिकाएं तक विकसित हो जाती हैं। इनका उपयोग खतरनाक होता है। - डॉ. एचएम चौधरी, बांगड़ मेडिकल कॉलेज, पाली

अलर्ट पर है टीम
दीपावली पर बीकानेर व फलोदी क्षेत्र से नकली मावा यहां खपाने की सूचना मिली है। इसके लिए मुखबिर छोड़े गए हैं। जल्द ही इस पर कार्रवाई करेंगे, मिठाई कारोबारी नकली मावा नहीं खरीदे। ऐसी मिठाइयां मिली तो कड़ी कार्रवाई होगी। - दिलीप सिंह यादव, जिला खाद्य अधिकारी, पाली

Suresh Hemnani Desk
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