VIDEO : महापड़ाव खत्म : 4 हजार एमसीएफटी पानी के फैसले पर माने किसान

-सुमेरपुर कृषि मण्डी में धरना स्थल पर अधिकारियों ने की घोषणा
-प्रशासन व प्रतिनिधि मंडल के साथ दूसरे दौर की वार्ता सफल

By: Suresh Hemnani

Updated: 23 Oct 2020, 09:05 AM IST

पाली/सुमेरपुर। किसानों का महापड़ाव गुरुवार को खत्म हो गया। किसानों को जवाई बांध से पूरा 4 हजार एमसीएफटी पानी दिया जाएगा। इसी सहमति के आधार पर किसानों ने पड़ाव खत्म करने की घोषणा की। महापड़ाव के दूसरे दिन प्रशासन और संघर्ष समिति प्रतिनिधि मंडल व संगम अध्यक्षों के साथ हुई दूसरे दौर की वार्ता सफल रही। प्रशासन ने पूर्व की भांति 4 हजार एमसीएफटी पानी देने पर सहमति प्रदान की।

गत 7 अक्टूबर को संभागीय आयुक्त एवं जवाई जल वितरण कमेटी अध्यक्ष डॉ. समित शर्मा ने जवाई के पानी का सिंचाई व पेयजल में बंटवारे को लेकर वीसी के माध्यम से चर्चा की थी। चर्चा के बाद 63:37 के अनुपात में किसानों को सिंचाई में चार पाण के रुप में 4 हजार एमसीएफटी और पेयजल के लिए 2192.31 एमसीएफटी पानी देने का निर्णय किया था। हालंाकि, प्रशासनिक अधिकारी बताते हैं कि संभागीय आयुक्त ने 3900 एमसीएफटी पानी देने पर सहमति बनी थी और 100 एमसीएफटी पानी दिसंबर तक शेष गांवों को पेयजल योजना से नहीं जोडऩे की स्थिति में किसानों को सिंचाई के देने पर सहमति दी। इसके बाद जलदाय विभाग ने जिले में दो-तीन दिन के अंतराल से पेयजल आपूर्ति की घोषणा करते ही जिलेभर में विरोध शुरू हो गया। विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों के विरोध के बाद सरकार ने निर्णय बदलकर पूर्व की भांति पेयजल आपूर्ति जारी रखने की घोषणा की। किसान अपनी सिंचाई में मिलने वाले निर्धारित पानी में से कटौती की संभावनाओं को देखते हुए बुधवार से महाराजा उम्मेदसिंह कृषि उपज मंडी समिति परिसर में धरना प्रदर्शन व महापड़ाव शुरू किया था।

दूसरे दौर की वार्ता में हुआ फैसला
किसानों के महापड़ाव को देखते हुए जिला कलक्टर व संभागीय आयुक्त के निर्देश पर अतिरिक्त जिला कलक्टर वीरेन्द्रसिंह चौधरी गुरुवार सुबह सुमेरपुर पहुंचे और किसानों को दोबारा वार्ता के लिए आमंत्रित किया। उपखण्ड कार्यालय परिसर में एडीएम चौधरी के अलावा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बाली बृजेश सोनी, जल संसाधन विभाग के अधिशाषी अभियंता चन्द्रवीरसिंह उदावत व सुमेरपुर उपखण्ड अधिकारी देवेन्द्रकुमार यादव के साथ समिति पदाधिकारियों व संगम अध्यक्षों ने वार्ता की। कुछ समय तक मंथन चलने के बाद आखिर किसानों को 4 हजार एमसीएफटी पानी सिंचाई के लिए देने पर सहमति बनी। यहां से सभी अधिकारी कृषि मंडी स्थित महापड़ाव स्थल पहुंचे और वार्ता के बारे में जानकारी दी। वार्ता सफल होने के बाद संघर्ष समिति अध्यक्ष जयेन्द्रसिंह गलथनी ने महापड़ाव समाप्त करने की घोषणा की।

प्रशासनिक अधिकारी बोले
-किसानों को सिंचाई का पानी देने को लेकर संभागीय आयुक्त ने 3900 एमसीएफटी पानी देने की घोषणा थी। वहीं 100 एमसीएफटी पानी सशर्त दिसंबर तक शेष गांव पेयजल योजना से नही जुडने पर देने की बात कही थी। किसानों में इसी बात को लेकर भ्रम था। इस बारे में जिला कलक्टर व संभागीय आयुक्त को अवगत करवाया। संभागीय आयुक्त ने 100 एमसीएफटी समेत 4 हजार एमसीएफटी पानी देने पर सहमति प्रदान कर दी। इस समय जवाईबांध में पानी की आवक जारी हैं। जिससे सिंचाई के लिए पानी देने पर कोई परेशानी नही होगी। -वीरेन्द्रसिंह चौधरी, एडीएम पाली

-संभागीय आयुक्त ने पहले 4 हजार एमसीएफटी पानी देने की घोषणा की थी। लेकिन बाद में प्रशासन ने निर्णय बदलते हुए 100 एमसीएफटी पानी की कटौती कर दी। संभागीय आयुक्त की वादा खिलाफी को लेकर किसान नाराज थे। पहले दौर की वार्ता सफल नहीं होने पर सरकार के निर्देश पर दूसरे दौर की वार्ता हुई। संगम अध्यक्षों से चर्चा के बाद सरकार ने किसानों की बात मानी और पूर्व निर्धारित 4 हजार एमसीएफटी पानी देने पर सहमति बनी। इसके बाद महापड़ाव समाप्त कर दिया गया। -जयेन्द्रसिंह गलथनी, अध्यक्ष किसान संघर्ष समिति।

Suresh Hemnani Desk
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