रबी फसल बुवाई में आई तेजी, खेतों में पसीना बहा रहे किसान

- मौसम अनुकूल होने से लहलहा रही रबी की अगेती फसल
- कृषि विभाग के अधिकारी दे रहे कीट के बचाव की जानकारी

By: Suresh Hemnani

Published: 20 Nov 2020, 11:47 AM IST

पाली। मौसम अनुकूल होने से किसान खासे उत्साहित है। ये ही कारण है कि जिलेभर में रबी फसल की बुवाई में तेजी आ गई है। जिले में अभी तक 50 प्रतिशत रबी फसल की बुवाई हो चुकी है। अगेती रबी की फसलें तो खेत-खलिहानों में लहलहा रही है। इधर, कृषि विभाग के अधिकारी भी इन दिनों खेत-खलिहानों में पहुंच कर किसानों को बीजोपचार व फसलों को कीट से बचाने की जानकारी दे रहे हैं। गौरतलब है कि इस बार खरीफ की फसलें बेमौसम बारिश होने से खराब हो गई थी। ये ही कारण है कि विभाग भी रबी पर विशेष ध्यान दे रहा है।

सरसों में सफेद मक्खी व चने में फली छेदक रोग का खतरा
हालांकि, किसानों को कुछ परेशानी भी हो रही है। सरसों की फसलों में सफदे मक्खी व पेनटेड बग तथा चने में फली छेदक व जड़ गलन रोग लगता है, जो कि बुवाई करने के 10 से 20 दिनों के अंतराल में लगता है। इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारी सरसों में फेनवलरेट पाउडर का भुरकाव व इमिडाक्लोरप्रिड का स्प्रे करने की सलाह दे रहे है। इसी तरह से चने में फली छेक व जड़ गलन रोग लगता है। फली छेदक के लिए इमोमेक्टभ्र बेन्जोएट व जड़ गलन के लिए ट्राइकोडर्मा पाउडर गोबर व खाद या रेत में मिलकर खेत में छिडक़ाव करके की सलाह दी जा रही है।

यूरिया का छिडक़ाव करें
कृषि विभाग की ओर से सरसों, चना, गेहूं, जौ व जीरा की अगेती फसलों में यूरिया का छिडक़ाव करने की किसानों को सलाह दी जा रही है। यह छिडक़ाव फसलों के लिए वरदान साबित होगा। इससे फसलों की बढ़तवार अच्छी होगी। साथ ही पैदावार भी बढ़ेगी।

दो लाख 64 हजार हैक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य
कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गेहूं 60 हजार, जौ 6 हजार, चना 60 हजार, सरसों 60 हजार, तारामीरा 18 हजार व अन्य 60 हजार हैक्टेयर में रबी बुवाई का लक्ष्य है। जिले में कुल 2 लाख 64 हजार हैक्टेयर में फसल बुवाई का लक्ष्य है।

अभी फसलों में नहीं रोग
रबी फसलों में अभी किसी प्रकार का कीट का प्रकोप नहीं है। सरसों व चने की फसल बुवाई के बाद कीट लगता है। इसके लिए किसानों को दवा का स्प्रे व छिडक़ाव करने की सलाह दे रहे हैं। मौसम अनुकूल होने से रबी की बुवाई में तेजी आई है। -अशोक सिंह राजपुरोहित, कृषि अधिकारी, पाली

Suresh Hemnani Desk
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