संकट में किसान : पहले कोरोना की आफत, फिर बेमौसम बारिश, अब राजफैड ने भी फेरा मुंह

- जिले भर में 4854 का पंजीयन मात्र 404 किसानों से ही समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीद
- बेमौसम बारिश से मूंग की फसल हो गई दागी
- मूंग दागी होने से राजफैड ने खड़े कर दिए हाथ

By: Suresh Hemnani

Published: 30 Dec 2020, 09:03 AM IST

पाली। उम्मीदों का आसरा बनीं मूंग की फसल भी किसानों को राहत नहीं दे पाई। पहले तो कोरोना की आपदा ने किसानों को पीछे धकेल दिया। फिर खरीफ फसल से आस जगी ही थी कि बेमौसम की बारिश हो गई। इस बारिश से किसानों की मूंग की फसल दागी हो गई। इसका नुकसान ये हुआ कि मूंग की फसल दागी होने के कारण राजफैड ने समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीद करने से मना कर दिया। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। आलम ये है कि महज दस फीसदी पंजीकृत किसानों से ही राजफैड ने मूंग की फसल समर्थन मूल्य पर खरीदी है। इतना ही नहीं, गिरदावरी में भी फसल में नुकसान नहीं बताया गया है, जिससे किसानों को बीमा क्लेम का भी लाभ नहीं मिल पाएगा। ऐसे में किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।

दरअसल, एक नवम्बर से जिले भर में 15 केन्द्रों पर समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीद शुरू हुई थी। खरीद को दो माह पूरे होने को है, लेकिन अभी तक नाममात्र के मूंग की खरीद हुई है। मूंग दागी होने के कारण जिले भर में समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए खोले गए केन्द्र सूने पड़े हैं। पिछले दो माह में जिले के 15 खरीद केन्द्रों पर मात्र 404 किसानों से 5 हजार 790 क्विंटल मूंग की ही खरीद हुई है।

4854 किसानों ने कराया था पंजीयन
जिले भर में समर्थन मूल्य पर मूंग बेचने के लिए 4854 किसानों ने ऑनलाइन रजिस्टे्रशन कराया था, लेकिन मूंग दागी होने के कारण अभी तक मात्र 404 किसानों से ही मूंग की खरीद हुई है। दूसरे किसानों के मूंग राजफैड के मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इस कारण राजफैड के केन्द्रों पर किसानों के मूंग खरीद नहीं हो रहे है।

पिछले साल डेढ़ लाख किसान लाभान्वित
गत वर्ष समर्थन मूल्य पर जिले भर में करीब डेढ़ लाख किसानों से 75 हजार क्विंटल मूंग की खरीद हुई थी। किसानों को बाजार के मुकाबले में समर्थन मूल्य पर अच्छे दाम मिले थे। जिससे किसानों की काफी आर्थिक फायदा हुआ था। लेकिन इस बार बेमौसम की बारिश ने किसानों को गहरा धक्का पहुंचाया है।

किसानों को प्रति क्विंटल तीन हजार का नुकसान
दागी मूंग बाजार मेें 4000 से 5000 प्रति क्विंटल के दाम में बिक रहे है। जबकि समर्थन मूल्य पर किसानों को 7196 रुपए प्रति क्विंटल के दाम दिए जा रहे हैें। इससे किसानों को प्रति क्विंटल दो से तीन हजार रुपए प्रति क्विंटल का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

औने-पौने दाम में बेचनी पड़ रही फसल
गिरदावरी में किसानों को खराबा नहीं बताया गया। इससे किसानों को बीमा क्लेम भी नहीं मिल रहा है। किसानों को आपदा राहत भी नहीं दी। किसानों को मजबूरी में बाजार में औने पौने दामों में मूंग बेचने पड़ रहे है। किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। -मंगलाराम पटेल, किसान, काला पीपल की ढाणी

Suresh Hemnani
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned