मारवाड़-गोड़वाड़ में हुई बारिश ने किसानों की बढ़ाई चिंता, तीस फीसदी फसलों में खराबे की आशंका

- गेहूं-चना-रायड़ा में भारी नुकसान
- खेतों खड़ी एवं लाटे के लिए पड़ी फसलों में खराबा

By: Suresh Hemnani

Published: 27 Mar 2020, 08:03 AM IST

पाली। [ Rain in Pali Rajasthan ] शहर समेत समूचे मारवाड़-गोड़वाड़ [ Marwar-Godwad ] में हुई बारिश ने किसानों की कमर तोडकऱ रख दी है। एक तरफ लॉकडाउन [ Lockdown ] और दूसरी तरफ खाद-बीज [ Manure seed ] की दुकानों के बंद रहने से किसान असहाय है। कृषि विशेषज्ञों [ Agricultural expert ] की माने तो गुरुवार को हुई बारिश से फसलों में 20-30 फीसदी खराबे [ Crop damage ] की आशंका है।

दूसरी तरफ किसान रबी के बाद पशुओं के लिए चारे की बुवाई करते हैं और बारिश से ये फसल जल्द ही ग्रोथ कर जाती है, लेकिन इस बार फसलें थोड़ी देर से ही आई है। कई किसानों की फसलें या तो खेतों में खड़ी है या लाटे के लिए पड़ी है। ऐसे में बारिश ने खासी तबाही मचाई है। शाक-सब्जियों में भी इस बारिश ने बिगाड़ा किया है। सब्जियों के फूल व फल गिर जाएंगे और इससे सब्जियों की आवक पर भी असर हो सकता है।

गेहूं-चने में ज्यादा खराबा
किसानों का कहना है कि इस बार रायड़ा तो निकाल लिया था, लेकिन गेहूं व चना अब निकाल रहे थे। तापमान लगातार स्थिर रहने व आसमान में करीब दो माह से बादलों की आवाजाही एवं पखवाड़ेभर के अंतराल में हो रही बारिश से फसलों में अपेक्षाकृत ग्रोथ भी नहीं हो पाई। पाली जिले के पाती गांव के ग्रामीण राणाराम चौधरी ने बताया कि फसलें लाटे मेें पड़ी थी और लॉकडाउन होने के कारण फसलों की सारसंभाल भी सही ढंग से नहीं कर पाए। बारिश ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

चौधरी ने बताया कि खाद बीज की दुकानें बंद होने से फसलों की सुरक्षा के उपाय भी नहीं कर पाए और न ही रिजके की बुवाई कर सके। कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी धीरज सिंह का कहना है कि खेतों में गेहूं व चने की फसल या तो पककर तैयार है या फिर कटाई की जा चुकी है। बारिश से बीस से तीस फीसदी खराबे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

Suresh Hemnani
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