न्याय के मंदिर में शक्ति कर रही पीडि़तों की पैरवी, दिलवा रही न्याय

- वकालात के क्षेत्र में भी बढ़ी महिलाओं की रूचि
- पाली न्यायालय में है 40 के करीब महिला अधिवक्ता

By: Suresh Hemnani

Updated: 06 Mar 2021, 07:42 AM IST

पाली। न्याय का मंदिर यानी जिला न्यायालय। जहां पीडि़तों को न्याय दिलाने के लिए महिला अधिवक्ता तत्पर नजर आती हैं। फौजदारी, दीवानी से लेकर हर तरह के कैस लड़ महिला अधिवक्ताओं ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया हैं।

अधिकतर महिला अधिवताओं का कहना हैं कि वकालात को पेशा चुनना उनके लिए मिल का पत्थर साबित हुआ। वकालात के दौरान बहुत कुछ सीखने को मिला तथा पीडि़तों को न्याय दिलाने से आत्म संतुष्टि मिली। सच कहे तो वकालात करने से स्वयं को बहुत कुछ सीखने को मिला। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बाबूलाल मेवाड़ा ने बताया कि 317 अधिवक्ता में 15 महिला अधिवक्ता हैं।

वकालात महिलाओं के लिए अच्छा क्षेत्र
वर्ष 2014 से वकालात कर रही हूं। यह क्षेत्र महिलाओं के लिए अच्छा हैं। इस क्षेत्र में आने से मेरा आत्मविश्वास बढ़ता हैं। कहना चाहूंगी कि महिलाओं को कानूनी रूप से जागृत रहना चाहिए। - कुसूम, अधिवक्ता

न्याय दिलाने पर मिलती हैं मन को संतुष्टि
एक वर्ष से वकालात कर रही हूं। किसी को न्याय दिलाना काफी अच्छा लगता हैं। मन को आत्मसंतुष्टी मिलती हैं। - प्रियंका वैष्णव, अधिवक्ता

निर्भयाकांड के बाद सोच वकालात करूंगी
निर्भया कांड से मुझे बहुत कुछ सोचने पर मजबूर कर दिया था। उसके बाद ही मैंने वकालात करने का मन बना लिया था। समय मिलने पर महिलाओं को कानूनी रूप से जागृत करने का काम भी करती हूं। - नेहा जैन, अधिवक्ता

Suresh Hemnani
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