दिल्ली जैसा हादसा पाली में हुआ तो बौनी फायर बिग्रेड कैसे बुझाएगी आग

- शहर में कई बहुमंजिला, इमारतें, कॉम्पलेक्स
- नगर परिषद की फायर बिग्रेड टीम 40 फीट की ऊंचाई से अधिक नहीं बुझा सकती आग

पाली। राजधानी दिल्ली में अनाज मंडी के निकट फेक्ट्री में रविवार को आगजनी से
40 से अधिक लोगों की मौत हो गई। ऐसी ही घटना पाली में हो जाए तो उसे
बुझाने में नगर परिषद के दमकलकर्मियों को पसीने छुट जाएंगे। क्योंकि शहर
में बनी अधिकतर बहुमंजिला इमारतें, कॉम्पलेक्सों में आगजनी की घटनाओं की
रोकथाम के लिए बायलॉज के अनुसार पुख्ता व्यवस्था नहीं है। तो कई
बहुमंजिला इमारतों की ऊंचाई 40 फीट से अधिक है। जबकि नगर परिषद पास 40
फीट की ऊंचाई तक ही आग बुझाने की क्षमता वाली फायर ब्रिगेड ही है।

राजस्थान भवन विनियम 2013 बायलॉज के तहत बहुमंजिला इमारतों के निर्माण की
स्वीकृति के साथ ही फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने की इजाजत लेनी होती है।
इसके साथ ही फायर स्टेशन प्रभारी से इसकी जांच करवाने के बाद नगर परिषद
से फायर की एनओसी लेना आवश्यक है, लेकिन अधिकतर बिल्डर, काम्पलेक्स मालिक
एनओसी नहीं लेते। बिना एनओसी के बहुमंजिला इमारतों में रहवास तक नहीं
किया जा सकता है।

छह दमकलें, क्षमता 40 फीट तक की ऊंचाई
नगर परिषद के पास छह फायर बिग्रेड हैं। ये चालीस फीट की ऊंचाई तक की
इमारतों में आग बुझा सकती है। नगर परिषद के पास छह व रीको औद्योगिक
क्षेत्र में दो दमकल है। इनमें से शहर के भीतरी भाग में आगजनी होने पर
तीन दमकले ही मौके पर पहुंच सकती है। इन दमकलों से 40 फीट की ऊंचाई तक ही
आग बुझाई जा सकती है। उससे अधिक ऊंचाई पर आग लगने की घटना होने पर जोधपुर
से मदद लेनी पड़ती है।

शहर में दो बड़ी आगजनी हुई, फिर भी नहीं ले रहे सबक

07 नवम्बर 2018 - शहर के भीतर बाजार मोती कटला स्थित गादिया मार्केट में
आग लग गई थी। जिसमें तीन-चार करोड़ का नुकसान हुआ था। भीतरी बाजार की तंग
गलियों से होकर मौके पर पहुंचने पर दमकलों को पहुंचने तक में परेशानी का
सामना करना पड़ा था।

19 मई 2008 - सर्राफा बाजार स्थित लीला साड़ी सेंटर में आग लगी थी। हादसे
में करीब 70 लाख से अधिक का नुकसान का आंकलन किया गया था। उस समय भी दमकल
को अतिक्रमण से संकरी हुई सडक़ के कारण मौके पर पहुंचने में दिक्कतों का
सामना करना पड़ा था। उस समय भी शहर के भीतरी बाजार को अतिक्रमण से मुक्त
करने एवं दुकानों के आगे लगे तिरपालों को हटाने की बात उठी थी लेकिन
जिम्मेदारों ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की।

यह होनी चाहिए व्यवस्था
बहुमंजिला इमारतों में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि आगजनी की घटना होते ही
तुरंत नगर परिषद के अग्निशमन केन्द्र तक सूचना पहुंचे। फायर फाइटिंग
सिस्टम के तहत कम से कम एक ब्लॉक में चार एबीसी गैस सिलेंडर हो। आग
बुझाने के लिए डीसीपी (ड्राई केमिकल पाउडर), शॉट सर्किट से लगने वाली आग
को बुझाने के लिए सीओ-टू गैस के सिलेंडर की भी व्यवस्था होनी चाहिए। इसके
साथ ही एक अंडर टैंक एवं एक ओवर टैंक होना चाहिए। इसमें से एक टैंक
अग्निशमन व्यवस्था के पाइपों की प्रणाली से जुड़ा हो।

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