मारवाड़-मेवाड़ सीमा में सालर पेड़ों पर टैपिंग करते वन विभाग ने पकड़े दो सदिग्ध, पूछताछ जारी

-डीएफओ राजसमंद व एसीएफ सादड़ी के नेतृत्व में हुई कार्यवाही
-कुम्भलगढ़ अभयारण्य की बोखाडा रेंज का है मामला

By: Suresh Hemnani

Published: 23 Feb 2021, 08:35 PM IST

पाली/सादड़ी। कुम्भलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य की बोखाडा रेंज में सालर पेड़ों पर टैपिंग करते दो सदिग्ध को वनविभाग के अधिकारी राजसमंद डीएफओ फतेहसिंह राठौड़, सादड़ी एसीएफ यादवेंद्रसिंह चूंडावत ने व्हाट्सएप्प पर मिली सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए धरदबोचा लिया। जिनसे वनविभाग कार्मिक पूछताछ कर अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

ज्ञात रहे सालर पेड़ों पर इनदिनों टैपिंग सालर गोंद निकालने को लेकर की जाती है। यह गोंद गूगल के नाम से बाजार में महंगा बिकता है। अरण्य दावानल का एक प्रमुख कारण माना जा सकता है। क्योंकि अरण्य आगजनी के दौरान वनकार्मिकों ने ऐसे गोंद तस्करों को भी कई बार रंगे हाथ दबोचा है। बाघ पुर्नवास प्रोजेक्ट स्वीकृति के बाद विभाग बहुत मुश्तैद सक्रिय दिखाई दे रहा है। हर अवैधानिक गतिविधि पर प्रभावी अंकुश पाने को लेकर त्वरित कार्यवाही करता दिखाई दे रहा है।

कुम्भलगढ़ अभयारण सादडी सहायक वन सरक्षक चूंडावत ने बताया कि व्हाट्सएप्प पर बोखाडा रेंज के अंतर्गत सालर वृक्षों पर टैपिंग की सूचना प्राप्त हुई। जिस पर राजसमंद वन्यजीव उप वन सरक्षक राठौड़ द्वारा मौका निरीक्षण किया व सहायक वन संरक्षक सादड़ी के नेतृत्व में जांच दल का गठन कर कार्यवाही दौरान मौके पर सालर के वृक्षों पर काला पैंट एवं नंबरिंग करवाई गई। इसी दौरान दो संदिग्ध माजवाडा निवासी पका पिता लका व लाला पिता लका को गिरफ्तार किया। प्रकरण में अनुसंधान जारी है। दोनों को वनएवन्यजीव व वन संपदा सरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया गया।

जांच दल का गठन
सादड़ी एसीएफ चूंडावत ने बताया कि इस प्रकरण में क्षेत्रीय वन अधिकारी जयंतीलाल व किशन सिंह राणावत, वनकार्मिक शिवराम, नारायण सिंह, वीरेंद्र सिंह व कुलदीप सिंह के सानिध्य में जांच दल गठित किया गया। जो मामले की तह तक जाकर पूरे मामले में लिप्त लोगों के बारे में सुराग जुटा रहा है।

Suresh Hemnani
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