पर्यावरण व जीव दया की अलख जगा रहे गनी मोहम्मद

- तालाब के कैचमेंट एरिया को कर रहे हरा-भरा
- तालाब में रोपे नीम, बड़ व पीपल के पौधे

By: Suresh Hemnani

Updated: 26 Aug 2020, 04:01 PM IST

पाली। जीवन के 60 बसंत देख चुके पाली जिले के दूदौड़ गांव के गनी मोहम्मद पठान पर्यावरण के सजग प्रहरी की भूमिका निभा रहे हैं। वे पिछले कई सालों से गांव में पौधरोपण ही नहीं कर रहे, बल्कि उनका संरक्षण भी कर रहे हैं। ये ही कारण है कि उनके हाथों से लगाए पौधे अब पेड़ों में तब्दील होने लगे हैं। तालाब की पाळ पर लगाए नीम, बड़ व पीपल के पौधे भी अब छांव देने लगे हैं। इससे जहां तालाब की सुंदरता बढ़ी है तो लोगों को भी पर्यावरण का महत्व समझ में आने लगा है।

दरअसल, तालाब के कैचमेंट एरिया में पहले पेड़-पौधे नहीं थे। इस पर गनी मोहम्मद पठान ने तालाब में पौधे लगाने की ठानी। उनकी ये मेहनत रंग लाई। पिछले पांच सालों से वे तालाब के कैचमेंट एरिया में पौधे लगाने की मुहिम में जुटे हुए हैं, जो अब काफी बड़े हो चुके हैं। उनका कहना है कि पहले यहां चुग्गा चुगने आने वाले पक्षियों का श्वान शिकार कर लेते थे। लेकिन, तालाब के कैचमेंट एरिया में बड़े-बड़े पौधे होंगे तो श्वान के आने की आहट से पक्षी सजग हो जाएंगे। इसी मंशा से गनी मोहम्मद पौधों के संरक्षण में जुटे हुए हैं।

टैंक में डलवाते हैं पानी
गर्मियों के दिनों में तालाब का पानी सूख जाता है। इस कारण ग्राम पंचायत ने मनरेगा योजना में तालाब के कैचमेंट एरिया में एक बड़ा पानी का टैंक बनवा दिया। इस टैंक में गनी मोहम्मद के साथ ही गांव के लोग स्वैच्छा से मीठे पानी के टैंकर डलवाते है। तालाब के कैचमेंट एरिया में सुबह शाम पक्षी चुग्गा चुगने के लिए आते हैं।

सुंदरता को लगेंगे चार चांद
तालाब में सुबह-शाम पक्षी दाना चुगने के लिए आते है। तालाब के कैचमेंट एरिया में पौधे होने से जहां इसकी सुंदरता बढ़ी है तो पक्षियों को भी राहत मिलेगी। -गनी मोहम्मद पठान, दूदौड़

Suresh Hemnani Desk
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