अब दुनिया के बाजार में भरोसे के साथ बिकेगी सोजत की मेहंदी, प्रदेश का 16 वां जीआई टैग मेहंदी को

सोजत की मेहंदी

By: rajendra denok

Published: 26 Sep 2021, 10:00 PM IST

पाली. सोजत की मेहंदी अब दुनियाभर में भरोसे और विश्वास के साथ बिक सकेगी। भारत सरकार के रजिस्ट्रार भौगोलिक उपदर्शन ने सोजत की मेहंदी को जीआई टैग (जीयोग्रॉफिकल इंडिकेशन रजिस्ट्री) जारी किया है। राजस्थान का यह 16वां उत्पाद होगा, जिसे यह टैग मिला है। अब सोजत की मेहंदी ज्यादा सुर्ख और बिना मिलावट के बिक सकेगी। यह टैग वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय जारी करता है। रजिस्ट्रार का कार्यालय चैन्नई में है। सोजत की मेहंदी का लोसन कंटेंट दुनिया के अन्य मेहंदी उत्पाद से सर्वाधिक है। इस कारण यहां की मेहंदी विश्वप्रसिद्ध है।

अब क्या
-अब किसी अन्य क्षेत्र की मेहंदी सोजत के नाम पर नहीं बिक सकेगी।
-मिलावटखोरों द्वारा सोजत की मेहंदी के नाम पर उत्पादन और पैकेजिंग भी नहीं किया जा सकेगा।
-जीआई टैग का लेबल लगने से उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण मेहंदी मिलेगी।
-मेहंदी की गुणवत्ता जांचने के लिए एक कमेटी बनेगी।
-यह कमेटी उत्पाद की नियमित जांच करेगी और नियमों का पालन कराएगी।
-मिलावटखोरों पर पूरी तरह से अंकुश लग सकेगा।
-मेहंदी की का उचित दाम मिल सकेगा। किसान भी लाभांवित होगा।
-मेहंदी उद्यमियों में स्वस्थ प्रतिस्पद्र्धा होगी।

फैक्ट फाइल
-35000 सालाना मेट्रिक टन मेहंदी पाउडर का उत्पान
-250 सूक्ष्म एवं लघु उद्योग संचालित
-10000 से अधिक किसानों और श्रमिकों को रोजगार प्राप्त

यों चला सफर
-जिला उद्योग केन्द्र द्वारा सोजत मेहंदी व्यापार संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें की गई। उद्यमियों को टैग के फायदे गिनाए। पंजीयन के लिए प्रोत्साहन किया गया।
-मेहंदी व्यापार संघ सोजत से सहकारी समिति में संघ का पंजीयन 4 नवम्बर 2016 को कराया गया। मेहंदी की ऐतिहासिक पृष्टभूमि, उत्पादन क्षेत्र इत्यादि की सूचनाएं एकत्रित कर 8 फरवरी 2020 को जीआई के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया।
-मेहंदी व्यापार संघ सोजत और सोजत मेहंदी किसान समिति से पुन: आवेदन कराया गया। दोनों के विवाद और समस्याओं का तत्काल निस्तारण कर पंजीयन प्रक्रिया को पूरा करने में जिला उद्योग केन्द्र ने महत्ती भूमिका निभाई।
-जिला प्रशासन और जिला उद्योग केन्द्र ने मेहंदी उद्यमियों को प्रोत्साहित किया।

आइआइटीयन ने ठाना
आइआइटी खडग़पुर के छात्र पंकज त्यागी को 2017 में एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करनी थी। अजमेर के मूलनिवासी त्याग ने मेहंदी को विश्वस्तर पर पहचान दिलाने की ठानी। उन्होंने तय किया कि सोजत की मेहंदी को जीआई का टैग दिलाकर रहेंगे। त्यागी सोजत आए। यहां वे मेहंदी व्यापारियों और किसानों से मिले। मेहंदी पर रीसर्च किया। ऐतिहासिकक तथ्य जुटाए। इसमें करीब सवा साल का समय लगा। उद्यमियों को जीआई टैग के फायदे बताए और आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया। अब एक निजी कंपनी में काम कर रहे त्यागी को खुशी है कि उनकी मेहनत भी रंग लाई। पंकज का कहना है कि इसमें मेहंदी विकास समिति और मेहंदी किसान संघ समिति का भी पूरा सहयोग मिला।

राजस्थान के ये उत्पाद जिन्हें मिल चुका है टैग
बगरू हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग
ब्लू पोट्री, हैंडीक्राफ्ट जयपुर
ब्लू पोट्री, लोगो जयपुर
कठपुतली ऑफ राजस्थान हैंडीक्राफ्ट
कठपुतली ऑफ राजस्थान लोगो
कोटा डोरिया हैंडीक्राफ्ट
कोटा डोरिया लोगो
मोलेला क्ले वर्क
मोलेला क्ले वर्क ऑफ राजस्थान
फुलकरी हैंडीक्राफ्ट
पोकरण पोट्री हैंडीक्राफ्ट
सांगानेरी हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग
थेवा कला
बीकानेरी भुजिया
मकराणा मार्बल

ग्लोबल बाजार में मिलेगी पहचान
sojat mehandi को जीआई का टैग मिलना हमारे लिए अत्यंत खुशी का मौका है। अब मेहंदी दुनिया के बाजार में अपनी गुणवत्ता के साथ बिकेगी। मेहंदी की पहचान और साख में इजाफा होगा। यहां के उद्यमियों और किसानों को इसका फायदा भी मिलेगा। मेहंदी उद्यमियों के प्रयास सराहनीय रहे।
मोहम्मद रज्जाक, जीएम, डीआइसी

rajendra denok Reporting
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