हिमाकत : रात भर यहां की गलियों में तेज गति से दौड़ते हैं अवैध बजरी से भरे ट्रैक्टर

-रोक के बावजूद धड़ल्ले से हो रहा बजरी का अवैध खनन

By: Suresh Hemnani

Published: 29 Jun 2020, 06:13 PM IST

पाली/सुमेरपुर। बजरी खनन पर रोक के बावजूद गली-मोहल्लों में बजरी के ढेर देखे जा सकते हैं। निजी व सरकारी निर्माण कार्य जोरो पर चल रहा हैं। वही तेज गति से गलियों में दौडते ट्रैक्टरों की आवाज से लोगों की नींद में खलल पड़ रहा है। सरकारी निगरानी के अभाव में खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं।

उच्चतम न्यायालय ने प्रदेशभर में नदियों से बजरी खनन पर रोक लगा रखी है। महिने भर पहले चोरी-छिपे ही बजरी से भरे टै्रक्टर देखे जाते थे। लेकिन अब दिन को भी धडल्ले से सडक पर ट्रैक्टर-ट्रॉली दौड़ रहे हैं। लेकिन कोई नहीं रोक रहा। पुलिस भी कभी कभार एक-दो ट्रैक्टर-ट्रॉली व डंपर पकडकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेती है। खनन विभाग की तो यह स्थिति है कि लगता है जिले में यह विभाग अस्तित्व में ही नहीं है। सुमेरपुर-शिवगंज के बीच बहने वाली जवाईनदी में पहले के मुकाबले बजरी का अवैध खनन और ज्यादा हो रहा है। इसके अलावा पोमावा, पुराडा, नोवी समेत जवाई नदी के किनारे स्थित गांवों के अलावा उपखण्ड क्षेत्र की सभी नदियों में बजरी खनन जोरों पर चल रहा है। गांवों में तो अवैध बजरी खनन कुटीर उद्योग का रूप ले रहा है।

उपखण्ड स्तर पर किया था विशेष जांच कमेटी का गठन
बजरी के अवैध खनन व परिवहन की रोकथाम को लेकर तीन साल पहले तत्कालीन उपखण्ड अधिकारी विनोदकुमार मल्होत्रा की अध्यक्षता में जिला कलक्टर व उच्च न्यायालय के निर्देश पर उपखण्ड स्तर पर विशेष जांच कमेटी का गठन किया गया था। विशेष जांच टीम के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान अवैध बजरी खनन करते समय पकड़े जाने पर संबंधित क्षेत्र के थानाधिकारी, बीट अधिकारी व पटवारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश थे। इसके लिए संबंधित क्षेत्र के थानाधिकारी, बीट अधिकारी व पटवारी को बजरी के अवैध खनन की रोकथाम के लिए समय-समय पर निरीक्षण के लिए पाबंद किया था। लेकिन कमेटी मात्र कागजों में ही शोभा बढ़ा रही है।

रात के अंधेरे में होता है बजरी का अवैध खनन
अवैध बजरी खनन में लगे माफिया दिन को बजरी की खपत में लगे रहते हैं। संगठित रूप से ये लोग रात को दस बजे से सुबह 4 बजे तक अवैध खनन करते हैं। खनन के बाद परिवहन में अधिकांश बिना नंबर के टै्रक्टर काम में लेते हैं। रात के समय निगरानी का कार्य पुलिस के लिए भी जोखिम भरा होता है। पुलिस भी सूचना के आधार पर कार्रवाई करती है। खनन विभाग द्वारा जुर्माना वसूलने के बाद ये पुन: अपने कार्य में जुट जाते हैं।

पांच गुनाा जुर्माना, फिर भी डर नहीं
लगातार हो रहे बजरी के अवैध खनन को लेकर न्यायालय के निर्देश के बाद सरकार ने अवैध रूप से बजरी खनन करते पाए जाने पर जुर्माना राशि पांच गुना कर दी। पहले खनन विभाग संबंधित के विरुद्ध प्रति ट्रैक्टर 26 हजार 750 रुपए और डंपर के 16.200 टन तक होने पर 1 लाख और इससे कम होने पर 52 हजार रुपए जुर्माने के रूप में वसूला जाता था। जबकि अब पांच गुना जुर्माना राशि है।

अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन सख्त
बजरी के अवैध खनन के विरुद्ध प्रशासन सख्त है। सूचना मिलने पर पुलिस व तहसीलदार कार्रवाई करते हैं। एक दिन पूर्व ही सूचना मिलने पर तहसीलदार ने एक ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त की है। इस बारे में पुलिस व स्थानीय अधिकारियों को निर्देशित कर दिया है। -देवेन्द्रकुमार यादव, उपखण्ड अधिकारी, सुमेरपुर।

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Suresh Hemnani Desk
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