रूडिप द्वारा किये जा रहे कार्याे में लापरवाही और भ्रष्टाचार को लेकर जनप्रतिनिधि विरोध में उतरे...

जिस 400 करोड़ की योजना का सत्ता पक्ष श्रेय लेता था, अब जनता का विरोध देख विधायक-सभापति भ्रष्टाचार का आरोप लगा जांच करवाने पहुंचे

By: Avinash Kewaliya

Published: 14 Nov 2017, 01:51 PM IST

पाली.

शहर में चल रहे सीवरेज और 24 घंटे पेयजल आपूर्ति योजना के कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सत्ता पक्ष के विधायक और नगर परिषद के सभापति संग कई पार्षद विरोध में उतर आए। साथ ही जनता को अब तक हुई परेशानी और आक्रोश को देखते हुए इस योजना में अब तक हुए कार्यों की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की। विधायक ज्ञानचंद पारख और सभापति महेन्द्र बोहरा के नेतृत्व में बीजेपी के कई पार्षद और पदाधिकारी रुडिप कार्य का विरोध करने पहुंचे। इन लोगों ने कार्य में लापरवाही और भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए। शहर की जनता इन कार्यों की वजह से कई बार भला-बुरा सुना चुकी है। दो दिन पहले भी लोगों ने विधायक को मौके पर बुलाकर विरोध जताया था। लोग कई बार सड़क जाम करने पर भी उतर आए। विरोध को बढ़ता देख सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों को सड़क पर उतरना पड़ा है। सोमवार को कलक्टर से मिलकर अब तक के कार्यों की विस्तृत जांच करने को कहा।

पहले योजना स्वीकृत हुई तो मची थी श्रेय लेने की होड़

400 करोड़ की सीवरेज तृतीय चरण और 24 घंटे पेयजल योजना जब स्वीकृत हुई तो सत्ता पक्ष के ये लोग ही श्रेय लेने की होड़ में दिखे। शीर्ष जनप्रतिनिधियों ने शहर में कई स्थानों पर होर्डिंग लगा इसे विकास में मील का पत्थर बताया था। जिन्होंने श्रेय लिया था वही जनप्रतिनिधि विरोध में दिखे।

चुनावी वर्ष का भी भय

विधानसभा चुनाव में करीब एक वर्ष का समय ही रह गया है। राजनीतिक सरगर्मियां तेज है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों की सक्रियता लाजमी है। सीवरेज के कारण जनता पिछले चार वर्षों से परेशानी झेल रही है। लेकिन अब नेताओं का चुनावी वर्ष में जनता के पक्ष में जागना कई सवाल खड़े करता है।

यह लगाए आरोप

- कार्य पूरा होने के बाद लम्बे समय तक सड़क का पूर्ण निर्माण हो रहा है।

- खुदाई के कारण अतिरिक्त बची मिट्टी एवं मलबे को सड़क से नहीं हटाया जाता।

 

यह लगाए आरोप

- सड़क खुदाई के समय पानी की पाइप लाइन तोड़ दी जाती है। इससे कीचड़ फैलने के साथ सप्लाई भी बाधित होती है।

- खुदाई के दौरान लोगों के घरों के गटर और पाइप लाइन तोड़ दी जाती है। उसको ठीक भी नहीं करवाया जाता।

- सीवरेज चैम्बर जिन्हें सड़क लेवल में लगाना होता है। उन्हें कई स्थान पर ऊपर तो कई स्थान पर नीचे लगाया गय।

- जिस गली में सड़क पुर्ननिर्माण होता है, वहां कार्य अधूरा ही छोड़ दिया जाता है।

- कार्य के दौरान नाला-नाली क्रॉसिंग क्षतिग्रस्त होती है तो उसे ठीक नहीं किया जाता।

- सड़क पुनर्निर्माण का कार्य सब कॉन्ट्रेक्टर से करवाया जा रहा है। इससे कार्य घटिया स्तर का हो रहा है।

- सड़क पुर्ननिर्माण के समय मिट्टी साफ किए बिना कार्य करवाया जा रहा है।

- जिन चौड़ी सड़कों पर सीवरेज व पाइप लाइन के लिए खुदाई होती है उसका पेचवर्क भी घटिया होता है।

- 24 घंटे पाइप लाइन भी निश्चित गहराई में नहीं बिछाने के कारण बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही है।

- पुनर्निर्माण के लिए जो सीमेंट सड़क बनाई जा रही है, उसकी गुणवत्ता भी खराब है।

इनका कहना...

रुडिप का कार्य जो सीवरेज का चल रहा है, वह गुणवत्ता से कोसो दूर है। निर्धारित मापदंडों पर काम करने के लिए हमने योजना के पीडी और चीफ इंजीनियर से कई बार शिकायत की। लेकिन निचले स्तर के अधिकारी कार्य में सुधार नहीं करना चाहते। हम अब तक हुए कार्यों की जांच की मांग के लिए मिले हैं।

- ज्ञानचंद पारख, विधायक, पाली।

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