गार्ड व चालक की मौत मामले में आज फिर हुई समझौता वार्ता, मुआवजे पर अड़ा है रावत समाज...यहां पढे क्यां है मामला

लवाचा मामले को लेकर थाने में फिर शुरू हुई समझौता वार्ता। मुआवजे पर अड़े रावत समाज के लोग। कम्पनी अड़ी कार्रवाई पर। अधिकारी कर रहे समझाइश।

By: rajendra denok

Published: 16 May 2018, 12:45 PM IST

रायपुर मारवाड़ (पाली). रायपुर मुख्यालय से आठ किलोमीटर दूर लवाचा गांव में रेलवे कार्य करने वाली निजी कम्पनी के केंट में टै्रक्टर की चपेट से गार्ड की मौत के मामले ने मंगलवार को तूल पकड़ लिया। हादसे में एक अन्य घायल ट्रैक्टर चालक का भी सुबह दम टूट गया। इधर, गार्ड की मौत से गुस्साए रावत समाज के लोगों ने मुआवजे की मांग को लेकर दोपहर में थाने के बाहर प्रदर्शन किया। कम्पनी की तरफ से कोई भी अधिकारी वार्ता करने नहीं आया तो उनका गुस्सा फूट गया। वे लवाचा पहुंचे और कम्पनी के केंट में आग लगा दी। यहां जेसीबी व डम्पर को आग लगा दी तथा पुलिस जीप में भी तोडफ़ोड़ की। साथ ही पत्थरबाजी में थाना प्रभारी विष्णुदत्त राजपुरोहित भी चोटिल हो गए। माहौल बिगड़ता देखत पुलिस हरकत में आई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। दमकल की मदद से आग पर काबू पाया गया। देर शाम तक थाने में पुलिस प्रशासन द्वारा कम्पनी व रावत समाज के लोगो के बीच समझौता वार्ता जारी है।

यह हुई थी घटना

पुलिस के अनुसार लवाचा के पास रेलवे कोरिडोर का कार्य चल रहा है। यह कार्य उदयपुर की एक कम्पनी द्वारा किया जा रहा है। कम्पनी का लवाचा में अस्थायी केंट लगा रखा है। जहां लवाचा निवासी प्रेमसिंह रावत (42)हजारी सिंह रावत गार्ड लगा हुआ था। सोमवार की रात करीब आठ बजे कोटपुतली निवासी रतीराम गुर्जर ट्रैक्टर लेकर आया। ट्रैक्टर की चपेट से प्रेमसिंह घायल हो गया। हादसे के समय ट्रैक्टर अनिंयत्रित होकर पलट गया। इससे चालक रतीराम भी घायल हो गया। दोनों को ब्यावर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर रात को प्रेमसिंह की मौत हो गई। जबकि रतीराम की मंगलवार सुबह उपचार के दौरान दम टूट गया। शवों को ब्यावर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। मृतक प्रेमसिंह के बड़े भाई अमरसिंह ने रिपोर्ट दी, जिसमें भाई की टै्रक्टर की चपेट में आने से मौत होना बताया।

ऐसे बिगड़ा माहौल

सोमवार रात को ही रावत समाज के लोग रायपुर थाने पहुंचे और ट्रैक्टर चालक प्रेमसिंह की हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। समाज के लोग रात को चले गए, लेकिन सुबह दुबारा थाने पहुंचे। जब पुलिस ने उन्हें बताया कि ट्रैक्टर चालक की भी मौत हो चुकी है तो हत्या का प्रकरण किसके खिलाफ करे। इस पर रावत समाज के लोगों ने कम्पनी से मुआवजा दिलाने की मांग की। माहौल बिगडऩे के बाद उपखण्ड अधिकारी समदरसिंह भाटी व वृत्ताधिकारी राठौड़ के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों को थाने बुलाया गया। थाने में समझौता वार्ता शुरू हुई।

rajendra denok Reporting
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