महिलाओं में क्यों बढ़ रहा है तनाव, पढ़ें पूरी खबर

महिलाओं में क्यों बढ़ रहा है तनाव, पढ़ें पूरी खबर

Rajendra Singh Denok | Updated: 14 Jun 2019, 07:46:43 PM (IST) Pali, Pali, Rajasthan, India

-बांगड़ अस्पताल में हर माह 300 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे
-मानसिक बीमारियों से पीडि़तों की बढ़ रही ओपीडी

पाली। सुकून भरी जिंदगी अब हर किसी के लिए बीते जमाने की बात होती जा रही है। लगभग हर व्यक्ति के जीवन में तनाव (डिप्रेशन) का दखल बढ़ रहा है। Bangra hospital की ओपीडी के आंकड़े बताते हैं कि औसतन दस व्यक्ति रोजाना depression के शिकार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। ये आंकड़े सिर्फ सरकारी अस्पताल के हैं। निजी अस्पतालों को भी जोड़ें तो हालात चिंताजनक हो रहे हैं। तनाव के अलावा mental health से जुड़ी अन्य बीमारियों के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। औसतन 1300 से 1400 मरीजों का किसी न किसी रूप से मानसिक स्वास्थ्य गड़बड़ा रहा है।

महिलाओं में तनाव ज्यादा
पुरुषों की तुलना में महिलाएं तनाव में अधिक रहती है। डिप्रेशन की शिकार महिलों का आंकड़ा हर माह पौने दो सौ से दो सौ तक पहुंच रहा है। डिप्रेशन के अलावा भी महिलाओं में मनोरोग से जुड़ी कई बीमारियां घर कर रही है। महिलाओं में हारमोनल इफेक्ट भी तनाव का एक बड़ा कारण है। इसके अलावा वे तनावभरी क्षणों का बेहतर ढंग से सामना भी नहीं कर पाती है।

इसलिए तनाव में है लोग
-भागती-दौड़ती जिंदगी
-एकल परिवार
-नौकरी में काम का बोझ
-बच्चों में प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव।
-परीक्षा परिणाम विपरीत आने पर भी बच्चों का अवसादग्रस्त होना।
-परिजनों का बच्चों पर अनावश्यक दबाव।
-बुजुर्गों का अकेलापन।
-बुजुर्गों के देखभाल में कमी।

यूं लौट सकता है आपका सुकून
-स्वस्थ्य जीवन जीएं।
-तनावमुक्त होकर काम करें।
-अच्छा खाना खाएं और नियमित व्यायाम करें।
-परिवार के साथ ज्यादा समय बिताएं।
-योगा और प्राणायाम भी नियमित करें।
-काम को बोझ मानने की बजाय उसे तनावमुक्त होकर पूरा करें।
-प्रतियोगी परीक्षाओं का सहजता से सामने करें।
-विपरीत परिणामों से घबराएं नहीं।

मनारोग : आंकड़ों की जुबानी
माह पुरुष-महिला
मई 649-698
अप्रेल 557-626
मार्च 627-631
फरवरी 552-643
जनवरी 540-576

डिप्रेशन के ये हालात
माह पुरुष-महिला
मई 121-192
अप्रेल 140-175
मार्च 134-169
फरवरी 147-180
जनवरी 153-206

स्वस्थ जीवन ही एकमात्र उपाय
बदलती जीवनशैली तनाव का एक बहुत बड़ा कारण है। डिप्रेशन से बचने के लिए स्वस्थ जीवन जीने की शैली को विकसित करें। जब भी मनोरोग के लक्षण नजर आए तो मनोरोग चिकित्सक से अवश्य जांच कराएं। तनाव मुक्त जीवन ही हमें मनोरोगों से बचा सकता है। -Dr. Daljeet Singh Ranawat, psychiatrist , बांगड़ अस्पताल पाली

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