scriptJawai recharge case stuck in Pali district | पाली मांगे पानी : सूखते मरुसागर का घोंटते जा रहे गला, कागजों में हो रहा हलक तर | Patrika News

पाली मांगे पानी : सूखते मरुसागर का घोंटते जा रहे गला, कागजों में हो रहा हलक तर

- जवाई पुनर्भरण के नाम पर सिर्फ प्रस्ताव बनाए
- स्वीकृति की फाइल केन्द्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) में अटकी
- जवाई पुनर्भरण का मामला सीडब्यूसी में अटकाबजट घोषणा के अनुसार दो बांध बनाने प्रस्तावित

पाली

Updated: March 29, 2022 02:40:43 pm

पाली। जवाई बांध के बनने के बाद यहां से पानी जोधपुर जा रहा था। जोधपुर में लिफ्ट केनाल आने के बाद इसका पानी पाली के लिए उपयोग लिया जाने लगा। इधर, जवाई पर निर्भरता बढ़ाते चले गए और जवाई का गला घुटता चला गया। इस बीच जवाई में पानी की आवक को बढ़ाने के लिए कागजों में ही काम हुआ है। हालांकि उदयपुर जिले में जवाई पुनर्भरण के नाम पर बांध बनाने के प्रस्ताव तैयार किए गए, लेकिन उसकी फाइल सीडब्ल्यूसी में अटक गई। अब सीएम ने दो बांध बुझा व चकसांडमारिया बनाने की बजट में घोषणा की है। इसके लिए तीन हजार करोड़ (1800 करोड़ बांध व 1200 करोड़ डीपीआर व अन्य कार्य के लिए) रुपए भी स्वीकृत किए है। यह मामला राज्य सरकार के अधीन है, ऐसे में सब कुछ ठीक रहे और कार्य तेजी से हो तो बांध दो से ढाई साल में बन सकते है।
पाली मांगे पानी : सूखते मरुसागर का घोंटते जा रहे गला, कागजों में हो रहा हलक तर
पाली मांगे पानी : सूखते मरुसागर का घोंटते जा रहे गला, कागजों में हो रहा हलक तर
पहले चार बांध बनने थे प्रस्तावित
जवाई पुनर्भरण के लिए पहले चार बांध बनाए जाने तय किए गए थे। इन चार बांधों सेई, साबरमति, पामेरी व वाकल के लिए डीपीआर तैयार की गई। इन बांधों की क्षमता 8000 एमसीएफटी की थी। इसके बाद यह मामला दो राज्यों गुजरात व राजस्थान का होने से केन्द्रीय जल आयोग (सीडब्लयूसी) में चला गया। इसके बाद बांधों की संख्या घटाकर सेई, साबरमति व वाकल कर तीन कर दी गई। इसके प्रथम फेज में सेई व साबरमति बांध बनने थे। जबकि दूसरे फेज में वाकल बांध बनना प्रस्तावित था। अब सीएम की नई बजट घोषणा के अनुसार पहले फेज के दो बांधों का नाम बदलकर बुझा व चकसांडमारिया किया गया है।
मिल चुकी है सीडब्ल्यूसी की स्वीकृति
सीडब्ल्यूसी से पाली सिंचाई विभाग व अधिकारियों के प्रयास से हाइड्रोलॉजी (जल उपलब्धता), पीक फ्लड व सेंडिमेंटेशन एनालिसस की स्वीकृति मिल गई थी। ऐसे में अब नए बांध बनाने पर उसी आधार पर कार्य किया जा सकेता है। यह मामला राज्य सरकार का होने व बजट भी राज्य सरकार की ओर से दिए जाने के कारण बांध बनाने में अधिक विलम्ब नहीं होगा। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।
टनल पूरी होने पर भी मिल सकती है राहत
इधर, सेई बांध जिसकी भराव क्षमता 1608 एमसीएफटी है। उसके पानी को जवाई में अपवर्तित करने के लिए बनी टनल की चौड़ाई को बढ़ाने का कार्य शुरू किया गया है। यह कार्य 65 करोड़ रुपए से किया जा रहा है, लेकिन इसे पूरा होने का समय तीन वर्ष तय किया गया है। इसका कारण यह है कि सेई में पानी की आवक होने पर वहां से जवाई में टनल के माध्यम से पानी डायवर्ट किया जाएगा। उस समय टनल की चौड़ाई का कार्य बंद रहेगा।
डीपीआर में करने होंगे बदलाव
बजट में दो बांध बुझा व चकसांडमारिया बनाने के लिए घोषणा की गई है। इन बांधों के लिए पूर्व में तैयार डीपीआर में कुछ बदलाव करने होंगे। इधर, सेई टनल चौड़ा होने पर सेई से करीब 800 एमसीएफटी पानी अधिक डायवर्ट हो सकेगा। अभी सेई से करीब औसत 2100 एमसीएफटी पानी डायवर्ट होता है। -मनीष परिहार, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग, पाली
सिंचाई विभाग ने बढ़ाई थी क्षमता
7000 एमसीएफटी करीब थी जवाई की शुरू में भराव क्षमता
1.5 फीट ऊंचाई बढ़ाई गई थी बाद में जवाई की
7327 एमसीएफटी हो गई थी जवाई की भराव क्षमता, जो वर्तमान में भी है
1100 एमसीएफटी थी जवाई के सहायक सेई बांध की शुरू में क्षमता
1608 एमसीएफटी की गई थी इसकी ऊंचाई बढ़ाकर क्षमता
256 एमसीएफटी क्षमता का कालीबोर सहायक बांध भी बनाया गया था
60 प्रतिशत पानी करीब डायवर्ट होता है सेई बांध का जवाई बांध में

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

17 जनवरी 2023 तक 4 राशियों पर रहेगी 'शनि' की कृपा दृष्टि, जानें क्या मिलेगा लाभज्योतिष अनुसार घर में इस यंत्र को लगाने से व्यापार-नौकरी में जबरदस्त तरक्की मिलने की है मान्यतासूर्य-मंगल बैक-टू-बैक बदलेंगे राशि, जानें किन राशि वालों की होगी चांदी ही चांदीससुराल को स्वर्ग बनाकर रखती हैं इन 3 नाम वाली लड़कियां, मां लक्ष्मी का मानी जाती हैं रूपबंद हो गए 1, 2, 5 और 10 रुपए के सिक्के, लोग परेशान, अब क्या करें'दिलजले' के लिए अजय देवगन नहीं ये थे पहली पसंद, एक्टर ने दाढ़ी कटवाने की शर्त पर छोड़ी थी फिल्ममेष से मीन तक ये 4 राशियां होती हैं सबसे भाग्यशाली, जानें इनके बारे में खास बातेंरत्न ज्योतिष: इस लग्न या राशि के लोगों के लिए वरदान साबित होता है मोती रत्न, चमक उठती है किस्मत

बड़ी खबरें

30 साल बाद फ्रांस को फिर से मिली महिला पीएम, राष्ट्रपति मैक्रों ने श्रम मंत्री एलिजाबेथ बोर्न को नया पीएम किया नियुक्तदिल्ली में जारी आग का तांडव! मुंडका के बाद नरेला की चप्पल फैक्ट्री में लगी भीषण आग, मौके पर पहुंची 9 दमकल गाडि़यांबॉर्डर पर चीन की नई चाल, अरुणाचल सीमा पर तेजी से बुनियादी ढांचा बढ़ा रहा चीनSri Lanka में अब तक का सबसे बड़ा संकट, केवल एक दिन का बचा है पेट्रोलIAS अधिकारी ने भारत की थॉमस कप जीत पर मच्छर रोधी रैकेट की शेयर की तस्वीर, क्रिकेटर ने लगाई फटकार - 'ये तो है सरासर अपमान'ताजमहल के बंद 22 कमरों का खुल गया सीक्रेट, ASI ने फोटो जारी करते हुए बताई गंभीर बातेंकर्नाटक: हथियारों के साथ बजरंग दल कार्यकर्ताओं के ट्रेनिंग कैम्प की फोटोज वायरल, कांग्रेस ने उठाए सवालPM Modi Nepal Visit : नेपाल के बिना हमारे राम भी अधूरे हैं, नेपाल दौरे पर बोले पीएम मोदी
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.