वो रूपहरे पर्दे पर हर झूठ अंकित कर देंगे, जगो नहीं तो वो अपना इतिहास कलंकित कर देंगे...

Rajeev Singh Dave

Publish: Dec, 07 2017 01:57:15 (IST) | Updated: Dec, 07 2017 01:57:16 (IST)

Pali, Rajasthan, India
वो रूपहरे पर्दे पर हर झूठ अंकित कर देंगे, जगो नहीं तो वो अपना इतिहास कलंकित कर देंगे...

- शौर्य दिवस पर हुए कवि सम्मेलन में उमड़े श्रोता

 

- हास्य व व्यंग्य के साथ वीर रस की कविताओं से छू लिया लोगों का दिल

पाली.

विश्व हिन्दू परिषद व बजरंग दल की ओर से बुधवार रात केरिया दरवाजा स्थित पिंजरापोल गोशाला मैदान में शौर्य दिवस पर कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। इसमें हास्य, वीर, व्यंग्यकार व गीतकार कवियों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही लूटी। वीर रस की कविताओं ने तो लोगों में जोश भर दिया। कवि सम्मेलन में मंच संचालन करते हुए उदयपुर से आए वीररस के कवि सिद्धार्थ देवल ने अयोध्या में राम मंदिर को लेकर इतिहासों में हुई सभी भूलों का बदला हम लेंगे, अवधपुरी में केसरिया ध्वज... कविता सुनाई तो गोशाला परिसर में वन्स मोर की आवाज गूंज उठी। उनकी वीरता से ओतप्रोत कविताओं के बीच उन्होंने पद्मावती फिल्म पर वो रूपहरे पर्दे पर हर झूठ अंकित कर देंगे, जगो नहीं तो वो अपना इतिहास कलंकित कर देंगे... कविता सुनाकर फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली पर जबरदस्त कटाक्ष किया।

शासन चौदह बरस तक हमने ही चलाया है...

सतना मध्यप्रदेश के कवि अशोक सुदरानी ने जूते ने कहा... उतरे तो प्रभु श्री राम के चरणों से तो अयोध्या का शासन १४ बरस तक हमने ही चलाया... कविता से भगवान राम की महिमा का हृदय स्पर्शी वर्णन कर तालियां बटोरी। उन्होंने भारत माता की जय वहीं लोग नहीं बोलते... कविता से भारत माता की जय बोलने पर राजनीति करने वालों पर व्यंग्य किया।

स्वच्छता का दिया संदेश

कवि सम्मत सुरीला ने पहले आतंकवाद पर कटाक्ष किया। इसके बाद एक चर्चा यहां पर है सुबह-शाम... कविता से स्वच्छता का संकल्प लेने का संदेश दिया। निम्बाहेड़ा के कवि शांति तूफान ने बात कही बिगड़ी तो इस बात का होना तय समझो देश द्रोहियों पर गहरे आघात होना तय समझो... कविता सुनाकर श्रोताओं का मन मोह लिया। वीर रस के कवि मदनमोहन समर व गीतकार कुंवर जावेद ने भी शानदार कविताएं व गीत पेश कर तालियां बटोरी।

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