जानिएें कैसे जिम्मेदारी की बेरूखी से किसानो से दूर है कृषक साथी योजना...

प्रचार-प्रसार के अभाव में तीन साल में महज 38 को किया लाभान्वित, राजीव गांधी कृषक साथी योजना के हाल बेहाल

By: Avinash Kewaliya

Published: 10 Nov 2017, 12:43 PM IST

 

पाली.

कृषि कार्य करते समय दुर्घटना का शिकार होने वाले किसानों व उनके परिवारों को आर्थिक राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने राजीव गांधी कृषक साथी योजना शुरू की थी। लेकिन, हकीकत यह है कि प्रचार-प्रसार के अभाव के चलते अधिकतर किसानों को योजना की जानकारी तक नहीं है। यही कारण है कि सरकार पिछले तीन वर्षों में महज 48 किसानों को ही लाभान्वित कर सकी है।
राज्य में 30 अगस्त 1994 से कृषि कार्य करते समय दुर्घटनाग्रस्त होने वाले किसानों व खेतीहर मजदूरों को आर्थिक सहायता देने के लिए कृषक साथी योजना राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा शुरू की गई थी। जो 22 दिसम्बर 2004 से किसान जीवन कल्याण योजना के नाम से जारी रही। राज्य सरकार ने 9 दिसम्बर 2009 को इस योजना का नाम संशोधित कर राजीव गांधी कृषक साथी योजना-2009 कर दिया गया था। योजना में राज्य के किसानों, खेतीहर मजदूरों, पंजीकृत पल्लेदार, हमाल, खेत और मण्डी परिसर में कार्य करते समय एवं गांव से मण्डी तक आते और लौटते समय दुर्घटना में मृत्यु या अंग-भंग होने पर कृषि उपज मण्डी समितियों के जरिए आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। सहायता राशि स्वीकृति के लिए मण्डी समिति स्तर पर एक सहायता समिति का गठन किया गया है। जिसमें कृषि उपज मण्डी समिति का अध्यक्ष, सचिव, स्थानीय प्रशासन प्रतिनिधि और राज्य बीमा विभाग का एक प्रतिनिधि शामिल है।

इन परिस्थितियों में मिलता है लाभ

- सिंचाई के लिए कुआं खोदते समय, ट्यूबवेल स्थापित करते समय एवं उसे संचालित करते समय बिजली का करंट लगने पर या खेत से गुजरने वाली विद्युत लाइन के क्षतिग्रस्त होकर गिरने से मृत्यु या अंग-भंग होने पर भी।
- फसलों पर रासायनिक दवाइयों का छिड़काव करते समय किसी भी मण्डी परिसर व राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर घोषित क्रय केन्द्रों पर आते-जाते अथवा कृषि यंत्रों का उपयोग करते समय मण्डी में बोरियों की धांग लगाते समय।
- जहरीले जानवर के काटने से, ऊंट के काटने, कृषि कार्य करते हुए आकाशीय बिजली गिरने, कृषि अथवा कृषि विपणन कार्य करते समय रीढ़ की हड्डी टूट जाने या सिर में चोट लगने से फसल की रखवाली के समय दुर्घटना होने से मौत या घायल होने पर।

यह मिलती है सहायता राशि

- मृत्यु होने पर उसके आश्रित को दो लाख रुपए की सहायता।
दो अंग जैसे दोनों हाथ, पांव, आंख, एक अंग कटने पर 50 हजार।
- रीढ़ की हड्डी टूटने, सिर में चोट लगने से कोमा में जाने पर 50 हजार।
- पुरुष अथवा महिला के सिर के बालों की सम्पूर्ण डी स्केल्पिंग होने पर 40 हजार।
- एक अंग जैसे एक हाथ, एक पैर, एक आंख अंग भंग होने पर 25 हजार।
- चार अंगुली कटने पर 20 हजार, तीन अंगुली कटने पर 15 हजार, दो अंगुली कटने पर 10 हजार तथा एक अंगुली कटने पर पांच हजार रुपए की सहायता दी जाती है।

जागरूक हो रहे किसान

कई आवेदनों में एफआईआर व पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी नहीं लगी होती है। इसलिए आवेदन स्वीकृत नहीं हो पाते। अब किसान व खेतीहर मजदूर जागरूक हो रहे है। इस वर्ष 16 आवेदन आए हैं, जबकि गत वर्ष 10 आवेदन ही मिले थे।

- भागीरथ प्रजापत, सचिव कृषि उपज मंडी, पाली

Avinash Kewaliya
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned