Watch Video : उज्जैन जाने के लिए जोधपुर से पैदल ही निकले लोग, पाली पहुंचे तो वापस भेजा

- पाली जिले के निम्बली टोल पर 150 श्रमिकों को वापस भेजा जोधपुर
- खेतों के रास्ते निम्बली पहुंचे लोग, प्रशासन में जोधपुर छोड़ा

By: Suresh Hemnani

Updated: 18 Apr 2020, 12:38 PM IST

पाली/रोहट। कोरोना की आपदा [ Corona virus ] से देश को बचाने के लिए प्रधानमंत्री [ PM Narendra Modi ] की ओर से लॉकडाउन [ Lockdown ] की तिथि बढ़ाने के बाद से ही श्रमिक पलायन [ Labor migration ] करने के लिए पैदल रास्तों को इख्तियार कर रहे हैं। औद्योगिक इकाइयों [ Industrial units ] के साथ ही कमठा कार्य नहीं चलने से बाहरी राज्यों के लोग बेरोजगार हो गए हैं। ऐसे में वे अपने-अपने गांवों तक पहुंचने की जुगत में लगे हुए हैं। बीती रात को भी ऐसा ही मामला पकड़ में आया, जब करीब 150 श्रमिक जैसलमेर, पोकरण, रामदेवरा सहित जोधपुर जिले से मध्यप्रदेश के उज्जैन सहित अन्य जगहों पर जाने के लिए पैदल ही निकल गए। इन्हें पाली जिला प्रशासन ने फिर से जोधपुर सीमा में छुड़वा दिया।

हुआ यूं कि करीब 150 मजदूर निम्बली टोल नाका पार कर एमपी व उज्जैन जाने के लिए पहुंचे तो वहां पर तैनात पुलिस ने उन्हें रोक दिया। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी। इस पर तहसीलदार खीमाराम देवड़ा, थानाधिकारी कमलेश गहलोत व डॉ. तेजपाल चारण सहित चिकित्साकर्मी टोल पहुंचे और सभी की स्क्रीनिंग की। लेकिन, बाद में इन्हेंं पाली जिले की सीमा में प्रवेश देने से मना कर दिया।

मेडीकल टीम टोल नांके पर पहुंचकर जोधपुर के प्रशासन को सूचना दी तो जोधपुर से मेडीकल की निम्बली टोल नांके पर पहुंचकर सभी की स्कैनिंग की गई उसके बाद सभी को निम्बली टोल नांका पार करने से मना कर दिया गया तो 150 मजदूर अपने जिद पर अड़े रहे कि वे टोला नांका पार करके अपने गांव की तरफ जायेगे इस पर स्थानीय प्रशासन ने साफ तौर पर मना कर दिया ओर किसी को भी टोल नांको पार नहीं करने दिया गया।

निम्बला के रास्ते पहुंच गए निम्बली
जब सभी मजदूरों को जोधपुर की तरफ रवाना कर दिया तो सभी श्रमिक जोधपुर जिले के निम्बला गांव में पहुंच गए। वहां से फिर गांव के अन्दर खेतों के अन्दर के रास्ते से पैदल ही अपने बच्चों को लेकर रोहट तहसील के निम्बली गांव पहुंच गए। ग्रामीणों को भनक लगी तो प्रशासन को सूचना दी। इस पर 150 मजदूरों को ट्रैक्टर व ट्रक में बैठाकर निम्बली गांव से रवाना कर वापस जोधपुर की तरफ निम्बला गांव मेंं भेज दिया गया। निम्बला गांव में लूणी सीआई सीताराम मय जाप्ता वहां पहुंचे और श्रमिकों के रुकने की निम्बला स्कूल में व्यवस्था करवाई।

कई तो ट्रकों से उतर गए
निम्बली गांव एक ट्रक में बैठाकर मजदूरों को वापस निम्बला गांव के निकट छोड़ा गया तो वहां से करीब 35 जने वापस पैदल ही निम्बली टोल की तरफ रवाना हो गए।

गोद में बच्चा और सिर पर गठरी
जोधपुर जिले से पैदल ही पहुंचे इन श्रमिकों में महिलाएं थी, जिनकी गोद में बच्चे थे तो सिर पर सामान की गठरी। ऐसे में इनके हालात का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। अधिकांश श्रमिकों का कहना था कि कई लोग सहायता तो कर रहे हैं, लेकिन अधिकांश लोगों तक राहत नहीं पहुंच रही है। ऐसे में पैदल ही अपने गांव के लिए निकल पड़े हैं।

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Suresh Hemnani Desk
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