रोडवेज की वर्कशॉप में अनाडिय़ों के हाथों में स्टेयरिंग

- वर्कशॉप में नहीं हैं नियमित रूप से चालक की ड्यूटी
- मैकेनिक मरम्मत के बाद ही खुद ही लेते बस का ट्रायल

By: Suresh Hemnani

Updated: 13 Mar 2021, 09:08 AM IST

पाली। शीर्षक देखकर चौंकना लाजिमी है, लेकिन सच तो ये ही है। पाली रोडवेज डिपो के वर्कशॉप में मरम्मत के लिए आने वाली बसों की ट्रायल लेने के लिए कोई नियमित चालक नहीं है। ऐसे में वहां मैकेनिक ही ट्रायल लेते हैं, जबकि इससे कभी हादसा भी हो सकता है।

दरअसल, पाली वर्कशॉप में बसों के मरम्मत के बाद उन्हें चलाकर देखने के लिए एक ड्राइवर नियुक्त होता हैं। लेकिन वर्तमान में रूट पर शेड्यूल ज्यादा चलने के कारण वर्कशॉप में स्थायी चालक की ड्यूटी नहीं लग पा रही हैं। ऐसे में बसों की मरम्मत के बाद वर्कशॉप में काम करने वाले मैकेनिक ही बसों का राउंड वर्कशॉप में लेते नजर आते हैं। जबकि उन्हें बस संचालन का पूर्ण ज्ञान नहीं है। ऐसे में उनके हाथों हादसा होने का अंदेशा बना रहता हैं लेकिन सबकुछ जानते हुए भी यहां नियमित रूप से चालक नहीं लगाया जा रहा हैं।

रोजाना चार-पांच बस की मरम्मत
पाली डिपो के वर्कशॉप में वर्तमान में रोजाना चार-पांच गाडिय़ां मरम्मत के लिए आती हैं। जिनकी मरम्मत करने के बाद एक बार जांच की जाती हैं, ताकि रूट पर संचालित होने के दौरान बीच रास्ते बस बे्रकडाउन न हो।

63 बस चल रही रूट पर
पाली डिपो की वर्तमान में 63 बस रूट पर संचालित हो रही हैं। इनमें 29 अनुबंधित व 34 बसें रोडवेज की हैं।

रूट पर चल रहे चालक
चालकों की कमी हैं। इसलिए नियमित रूप से चालक वर्कशॉप में ड्यूटी पर फिलहाल नहीं लगा पा रहे है। टाइम कीपर या अन्य चालक उपलब्ध रहता हैं। जरूरत पडऩे पर उन्हें वर्कशॉप में काम लेते हैं। - निशांत विजय, वर्कशॉप मैनेजर, पाली डिपो

Suresh Hemnani
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