VIDEO : यहां खराब नावों से डूब रहा आपदा प्रबंधन!

- हाल-ए-आपदा प्रबंधन
- मानसून सिर पर, पूरे जिले में केवल दो नावें, वह भी खराब
- गत वर्ष भी चार जने बहे थे, हाल बुरे

By: Suresh Hemnani

Updated: 26 Jun 2020, 03:53 PM IST

पाली। मानसून आते ही आपदा प्रबंधन [ disaster management ] विंग अलर्ट तो हो जाता है, लेकिन आपदा के समय साधन संसाधन के अभाव में बेबस नजर आता है। मारवाड़ गोडवाड़ [ Marwar Godwad ] के पाली जिले में बाढ़ के हालात होने पर बचाव की जिम्मेदारी निभाने वाले इस महकमे के पास केवल दो नावें है, वह भी खराब पड़ी है। इनके भरोसे किसी डूबने को बचाना मुश्किल है। जबकि गत वर्ष भी पाली में बाढ़ के दौरान चार जने बह गए थे, उस समय भी नावों की कमी खली थी। एक साल बाद वापस मानसून सिर पर आ गया है, लेकिन क्षतिग्रस्त नावें वहीं की वहीं है। विभाग का कहना है कि नई नावों के लिए डिमाण्ड मुख्यालय भेजी गई है, लेकिन नहीं मिली। ऐसे में आपदा से निपटना इस महकमें के लिए मुश्किल भरा काम है।

ब्रीथिंग एपरेटर भी नहीं
पाली जिले के आपदा प्रबंधन विंग के पास प्रमुख संसाधनों की कमी है। डूबते को बचाने के लिए गोताखोर चाहकर भी पानी में नहीं जा सकता। गहरे पानी में सांस लेने के लिए ब्रीथिंग एपरेटर की जरुरत होती है, लेकिन विभाग के पास यह भी नहीं है।

नावें नहीं होने से बह गए थे चार जने
गत वर्ष पाली जिले में बाढ़ आई। रोहट के जेतपुरा नदी में दो जने बह गए, उन्हें बचाने के लिए समय पर नावें नहीं मिली, ऐसे में दोनों युवकों की मौत हो गई। इसी प्रकार रायपुर के निकट चावंडिया नदी में एक वृद्ध बह गया था। जिले में चार जने बहे थे, जिन्हें बचाया नहीं जा सका था। इन हालातों के बाद भी नावों की स्थिति सुधारने पर काम नहीं हुआ। अब मानसून सिर पर आ गया है, समय रहते नई नावें नहीं मिली तो बाढ़ की स्थिति में फिर संकट पैदा हो सकता है।

दावा- हर तहसील में कंट्रोल रूम
अच्छे मानसून के संकेत को देखते हुए जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन के तहत बाढ़ बचाव की पूरी तैयारी होने का दावा किया है। जिले की सभी 10 तहसीलों में कंट्रोल रूम खोले गए है। बाढ़ बचाव के टोल फ्री नंबर 1077 जारी कर दिए। बाढ़ बचाव आपदा प्रबंधन के प्रभारी तहसीलदार को बनाया गया है। 100 सदस्य टीम सिविल डिफेंस में है, इसमें 17 सदस्यों को और 70 होमगार्ड जिले में और लगाए गए हैं। जिला स्तरीय कंट्रोल रूम के नंबर 222423 है। आपदा प्रबंधन में सदस्य के पास बड़े-बड़े रस्साहाथ के मोजे, प्लास्टिक के शूज, मेगा फोन सहित कई अन्य उपकरण का दावा किया है।

नावों की ऑर्डर किया है
दो नावें है, लेकिन वे भी खराब है। नई नावों के लिए ऑर्डर किया है, वे नहीं मिली। बाकी सभी संसाधन है। कंट्रोल रूम खोल दिए है। - फिरोज खान, प्रभारी, जिला आपदा प्रबंधन, पाली।

Suresh Hemnani Desk
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