सुखद बदलाव : लॉकडाउन में परिवार के साथ रहे तो शराब की बिक्री तीस प्रतिशत घटी

- सामाजिक लिहाज से सुखद
- शराब सरीखे नशे से दूर रहे लोग, परिवार की संगत का असर

By: Suresh Hemnani

Published: 09 Jun 2021, 10:03 AM IST

पाली। संगत का असर हमेशा रहता है, जैसी संगत, वैसी रंगत कहावत भी है। ऐसा ही हुआ कोरोना लॉकडाउन के दौरान। लॉकडाउन में लोग घरों में रहे, पूरा समय परिवार के साथ बिताया, ऐसे में लोग नशे से दूर रहे। लिहाजा, मारवाड़-गोडवाड़ में इस लॉकडाउन के दौरान शराब की बिक्री तीस प्रतिशत तक घट गई। सामाजिक व पारिवारिक लिहाज से यह खबर सुखद है। इससे साफ होता है कि परिवार के साथ अधिकांश समय बिताने से अच्छी आदतें जीवन में उतर ही जाती है। हालांकि शराब की बिक्री घटने से आबकारी विभाग जरूर हैरान है।

सबसे अधिक पारिवारिक झगड़े शराब की वजह से
आमतौर पर पति-पत्नी व परिवारों में सबसे अधिक झगड़े शराब की वजह से होते हैं। पति शराब पीता है, परिवार पर ध्यान नहीं देता, पत्नी व बच्चों से मारपीट करना जैसी शिकायत पुलिस थानों में आम है। लेकिन लॉकडाउन में ऐसी शिकायतें कम आई। वजह यहीं रहा कि लॉकडाउन में शराब ठेके सुबह-सुबह ही खुलते हैं, लोग सुबह उठते ही शराब नहीं पीते, साथ ही शराबियों के लिए शराब पीकर पूरे दिन घर पर रहना भी मुश्किल है, ऐसे में शराब पीने वालों ने शराब के नशे से दूरी बरती।

शराब की बिक्री घटी तो तस्करी रोकने में लगा आबकारी
लॉकडाउन में दौरान सरकारी शराब की बिक्री कम ही रही। पाली जिले में करीब तीस प्रतिशत गिरावट बिक्री में दर्ज की गई। यह हाल देख आबकारी विभाग ने अपना फोकस अवैध शराब की तस्करी को रोकने व गुजरात जाने वाले शराब के ट्रकों को जब्त करने पर लगा दिया। आबकारी ने हाइवे के ढाबों पर अपने मुखबिर बनाए और नाकाबंदी शुरू कर दी। लॉकडाउन में अवैध शराब पकडऩे के एक दर्जन मामले आबकारी ने दर्ज किए।

हां, शराब की बिक्री घटी
लॉकडाउन में लोग घरों में रहे, शराब ठेके कम समय तक खुले। इस वजह से शराब की बिक्री पाली जिले में करीब तीस प्रतिशत घटी है। - बीआर जाखड़, निरीक्षक, आबकारी विभाग, पाली।

Suresh Hemnani
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