अब प्रतिबद्धता निभाने की बारी

नजरिया : स्पेशल कॉलम [ Local Body Election ;

By: Ramesh Sharma

Published: 27 Nov 2019, 01:28 PM IST

-रमेश शर्मा
पाली। Nagar Nikay Chunav 2019 : निकाय चुनाव के नतीजों का निचोड़ पाली, जालोर और सिरोही में बिल्‍कुल वैसा ही निकला, जैसी कि उम्‍मीद की जा रही थी। प्रदेश में सत्ता बदली तो इन तीनों जिलों में आठ में चार ‘नगर सरकारें’ भी बदल गई। पिछली दफा पाली, जालोर, सिरोही, सुमेरपुर, शिवगंज, पिण्‍डवाड़ा, माउंट आबू, भीनमाल सभी आठ पर ‘कमलराज’ था। इस बार सिरोही, माउंट आबू, शिवगंज और भीनमाल में कांग्रेस ने ‘पंजा’ मारा है। कई बार नगर निकाय के बोर्ड प्रदेश की सत्ता के साथ ही बदलते हैं। निकाय के चुनाव छोटी-छोटी उम्‍मीदों और सपनों के लिए होते हैं।

जहां गली मोहल्‍ले और कॉलोनी के लोगों की तुच्‍छ जरूरतें होती हैं। सडक़, सफाई, रोशनी का प्रबंध ठीक से हो जाए तो ठीक वरना, असंतोष का हद से गुजर जाना सत्ता बदलने का कारण होता है। जनमत के निहितार्थ यही होता है कि जनता की मुश्किलों को आसान किया जाए, तकलीफों को कम किया जाए। वैसे तीनों जिलों में नतीजों में अप्रत्‍याशित कुछ भी नहीं रहा। जिन नगरों में स्‍थानीय विधायक का वर्चस्‍व रहा, वहां उन्‍होंने पूरी पैंतरेबाजी और चतुराई से अपने अपने दलों का बोर्ड बनाने में सफलता पाई है। पाली में ज्ञानचंद पारख, सुमेरपुर में जोराराम कुमावत, सिरोही और शिवगंज में संयम लोढ़ा और जालोर में विधायक जोगेश्‍वर गर्ग ने पूरा जलवा दिखाया। संयम लोढ़ा ने तो इस बार बाजी पलट कर चुनाव का दिलचस्‍प बना दिया। हालांकि रिसोर्ट की बाड़ेबंदी वाली अनैतिक संस्‍कृति से कोई भी दल अब अछूता नहीं है।

बहरहाल, नतीजों के बाद अब उम्‍मीद करेंगे, चुने गए जनप्रतिनिधि जीत की खुमारी से धरातल पर उतर कर लोकतांत्रिक माहौल के अनुरूप लोगों की जिंदगी से जुड़े मुद्दों पर ही काम करेंगे। अब सभी जय-पराजय से आगे जाकर सोचेंगे। अब इन्‍हें जमीनी हकीकत से रूबरू होना है। अब जनता के बीच प्रतिबद्धता का दायित्‍व निभाना है।

Ramesh Sharma Editorial Incharge
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