VIDEO : कोरोना और शहरवासी बेकाबू : जीवन की नहीं परवाह, सख्त लॉकडाउन का नहीं दिखा असर

-सडक़ों पर दौड़ते रहे वाहन पुलिस के पास पहुंचते ही अस्पताल जाने या दवा लाने का बनाया बहाना

By: Suresh Hemnani

Updated: 10 May 2021, 08:34 PM IST

पाली। कोविड 19 की दूसरी लहर में कोरोना वायरस के बेकाबू होने पर जन अनुशासन व उसके बाद रेड अलर्ट अनुशासन पखवाड़ा लगा, लेकिन संक्रमण बेकाबू रहा। इस पर सोमवार से सख्त लॉकडाउन लगाया तो भी हालात जन अनुशासन व रेड अलर्ट अनुशासन पखवाड़े जैसे ही रहे। शहर में किराणे, फल, सब्जी और अन्य दुकानें सुबह खुली तो बाजार में भीड़ उमड़ी। दुकानों के सुबह 11 बजे बंद होने के बाद भी सडक़ों की रेलमपेल में कोई खास फर्क नहीं पड़ा। लोग वाहन लेकर बेवजह ही सडक़ों पर घूमते रहे। उनको पुलिसकर्मियों ने रोका तो अधिकांश ने अस्पताल जाने या परिचित के बीमार होने का बहान बना लिया और निकल गए।

सब्जी मण्डी में प्रवेश बंद तो बाहर सजी मण्डी
शहर की नई सब्जी मण्डी में आम आदमी का प्रवेश बंद किया गया तो बाहर रामलीला मैदान तक हाथ ठेले वालों ने मण्डी सजा ली है। जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड गाइड लाइन की पालना का मखौल उड़ाया जा रहा है। ऐसे ही हालात सर्राफा बाजार की दुकानों का है। वहां ग्राहक तो दूर दुकानदारों तक ने मास्क लगाना उचित नहीं समझा। यही स्थिति पुराना बस स्टैण्ड स्थित दुकानों पर भी रही।

अम्बेडकर सर्कल व नहर पुलिया पर भी उल्लंघन
अम्बेडकर सर्कल पर सुबह फलों वालें, सब्जी वाले, ठेले पर नमकीन व अन्य सामान बेचने वाले सभी के पास सोशल डिस्टेंसिंग व कोरोना गाइड लाइन टूटती रही। ऐसा ही नहर पुलिया पर भी किया गया। मिल क्षेत्र में भी सब्जी वाले आदि ने कोई ख्याल नहीं रखा। शहर की कई जगहों पर तो तय समय के बाद भी विक्रेताओं ने गली आदि में ठेले लगाए और पूरे दिन व्यापार करने में लगे रहे।

पत्रिका व्यू : कुछ दिन की परेशानी, तोड़ देगी चेन
कोरोना को अभी तक कई लोग हल्के में ले रहे है। जबकि मौत का आंकड़ा इसकी भयावहता को बयां कर रहा है। जिले में अभी तक 70 से अधिक मौत इस माह हो चुकी है। ऐसे में जरूरत इस बात कि है कि हम कुछ दिन घर में रहते हुए परेशानी झेले। लॉकडाउन का पूरा पालन करें। जिससे इस ‘काळ’ को हराया जा सके। जिंदगी फिर से पटरी पर लौटी तो चंद दिनों की कमाई तो उससे भी कम दिनों में निकल जाएगी। अभी जरूरत है घर में रहे और सच्चे कोरोना वॉरियर्स बने।

Suresh Hemnani
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