दूसरों की भलाई से बड़ा कोई धर्म नहीं, पढ़ें पूरी खबर

गेस्ट राइटर : आशा पंकज मुंदड़ा, लेखक

By: Suresh Hemnani

Updated: 01 Jun 2020, 04:44 PM IST

पाली। Mahesh Navami Festival : भगवान महेश [ Lord Mahesh ] जिनके नाम का अर्थ है महा ईश अर्थात् महानता से परिपूर्ण ईश्वर। ऐसे महात्म्य से आवृत प्रभु भोले बाबा [ Bhole Baba ] जिन्होंने संसार के कल्याण के लिए स्वयं विषपान किया और अमृत दूसरों को देकर उनकी रक्षा सुरक्षा की। ऐसे शिव शंभू [ Shiva Shambhu ] जो इस सृष्टि की उत्पत्तिकर्ता, पालनकर्ता व संहारकर्ता है।

महेश नवमी पर्व माहेश्वरी समाज [ Maheshwari Society ] का उत्पत्ति दिवस माना गया है। यह पर्व मनाना तभी सार्थक होगा जब हम हमारे मन की वीणा में जगत के कल्याण के सुर निष्पादित करें। साधना की ज्योति प्रकाशित करें और प्रत्येक मनुष्य में मानव जाति के कल्याण के लिए सर्वस्व न्योछावर करने की भावना बलवती करें तो निश्चित रूप से हमारा यह महेश नवमी पर्व मनाना सार्थक व सफल होगा। दूसरों की भलाई से बड़ा कोई धर्म नहीं है।

समाज में विशिष्ट पद पर आसीन होने में वैशिष्ट्य नहीं होता। वरन समाज के प्रति अपने कर्तव्य को पूर्ण निष्ठा के साथ अदा कर तन मन धन से समर्पित होना ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। इस महेश नवमी पर्व पर हम सभी को कृत संकल्प होना होगा कि हम अपने स्वार्थों से परे हटकर पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से पर हिताय, पर सुखाय कल्याणकारी कर्म करेंगे।

Suresh Hemnani Desk
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