मैट्रिक पास ‘नटवरलाल’ के बड़े कारनामे, लाखों ठगता, फिर जुए में उड़ाता

-बिलाड़ा नगरपालिका अध्यक्ष से थानाप्रभारी के नाम ठगी
-चित्तौडगढ़़ एसपी के नाम पर विधायक से उगाए लाखों रुपए

By: rajendra denok

Published: 17 Jun 2020, 02:28 PM IST

-राजेन्द्रसिंह देणोक
पाली। देश-प्रदेश में पाली का एक ‘नटवरलाल’ फिर चर्चा में है। इसकी कहानी फिल्मी पर्दे की तरह दिलचस्प और हैरान करने वाली जरूर है, लेकिन पूरी तरह से वास्तविक है। महज मैट्रिक पास यह नटवरलाल अब तक करोड़ों रुपए की ठगी कर चुका है। मजे की बात यह है कि उसके झांसे में कई बड़े-बड़े राजनेता, अफसर और उद्योगपति भी आ चुके हैं। पुलिस अधिकारियों के नाम पर वह सबसे ज्यादा ठगी कर चुका है। मजे की बात यह है कि वह जिस किसी से बड़ी रकम ऐंठता और वह जुए में उड़ा देता है।

पाली शहर के रजत नगर में दिहाड़ी मजदूरी करने वाले भंवरलाल घांची का पुत्र सुरेश उर्फ भैरिया घांची प्रदेश का शातिर और बड़ा ठग है। इसकी शातिराना कहानी का सफर वर्ष 2011 में तब शुरू हुआ, जब उसके खिलाफ ठगी का पहला मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद भैरिया ने पीछे मुडकऱ भी नहीं देखा और अपराध की दुनिया में धंसता चला गया। प्रदेश के दो दर्जन से ज्यादों जिलों और अन्य राज्यों तक में उसके कारनामे पहुंच चुके हैं। वह पाली शहर कोतवाली का नामचीन हिस्ट्रीशीटर है। प्रदेशभर में उसके खिलाफ 55 से ज्यादा मामले दर्ज है। हाल ही में बिलाड़ा नगर पालिका अध्यक्ष से थानाधिकारी के नाम पर 7 लाख रुपए की ठगी करने के आरोप में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। दो दिन पूर्व ही उसे जोधपुर में न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।

यों बनाता है शिकार, लाखों रुपए ऐंठता
भैरिया ठगी का मास्टरमाइंड है, लेकिन वह आसान तरीका ही अपनाता है। वह जिस पुलिस अधिकारी के नाम ठगी की योजना बनाता है, उसके नाम से अपने मोबाइल नंबर सेव करता है। ताकि सामने वाले को ट्रू कॉलर में पुलिस अधिकारी का नाम ही दिखाई दे। फिर किसी नामचीन व्यापारी अथवा राजनेता को पुलिस अधीक्षक अथवा थानाप्रभारी बनकर फोन करता है और अत्यंत जरूरी काम के लिए पैसे मांगता है। पैसे मांगते वक्त वह सामने वाले व्यापारी या राजनेता से फोन पर लंबी बात भी नहीं करता। वाट्सएप पर मैसेज भेजकर झांसे में लेता है। वह कई बार हवाला से दूसरे शहर में पैसे मंगवाता है ताकि संदेह न होने पाए। उसके मोबाइल नंबर भी वीआइपी जैसे हैं इससे लोग आसानी से विश्वास कर लेते हैं। उसने मोबाइल सिम पत्नी के नाम पर ले रखी है। इसलिए पकड़ में भी जल्दी ही आ जाता है।

जुए की लत में उड़ाता हैं ठगी के पैसे
भैरिया को जुए की लत है। वह ठगी का पैसा जुए में ही उड़ा देता है। वह मौज-शौक अथवा घर-परिवार पर पैसा खर्च नहीं करता। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय है। वह ठगी का अधिकांश पैसा जुए में उड़ा देता है। ठगी का पैसा वसूल करने की पुलिस के लिए बड़ी चुनौती रहती है।

कारनामों की बानगी
-पिंडवाड़ा के तत्कालीन थानाप्रभारी के नाम से कुछ व्यापारियों से 35 लाख रुपए ठग लिए।
-चित्तौडगढ़़ एसपी दीपक भार्गव के नाम से चित्तौड़ विधायक चन्द्रभानसिंह से 10 लाख रुपए ठग लिए।
-बिलाड़ा नगरपालिका अध्यक्ष के पति से बिलाड़ा पुलिस थानाप्रभारी के नाम पर 7 लाख रुपए ऐंठ लिए।
-भीनमाल नगर पालिका अध्यक्ष से थानाप्रभारी के नाम पर 10 लाख रुपए की ठगी की।
-बालोतरा थानाप्रभारी निरंजनप्रतापसिंह के नाम पर 10 लाख रुपए ठग लिए।
-बाड़मेर के थानाप्रभारी रामप्रताप के नाम पर लाखों रुपए ऐंठ लिए।
-इंदौर एसपी बनकर मध्यप्रदेश के विधायक आकाश विजयवर्गीय से पैसे मांग लिए। विधायक ने शिकायत दर्ज कराई तो ठगी होते-होते बची।

शातिर है यह ठग
सुरेश उर्फ भैरिया शातिर ठग है। इसके लिए खिलाफ प्रदेश के कई थानों में मामले दर्ज है। कोतवाली पुलिस थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। वह पुलिस अफसरों के नाम से लोगों से लाखों रुपए ऐंठ लेता है। -गौतम जैन, थानाप्रभारी, शहर कोतवाली

rajendra denok Reporting
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