जनता से जुड़े सवालों के राजनेताओं ने दिए जवाब

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By: Suresh Hemnani

Published: 10 Apr 2019, 11:32 AM IST

- जवाई पुनर्भरण और प्रदूषण का समाधान तो हम निहाल

पाली। लोकसभा चुनाव की रणभेरी बजने के बाद प्रमुख दलों ने अपने-अपने घोषणा पत्र जारी कर दिए। इसमें लोक लुभावने कई वादे किए गए, लेकिन इन वादों से पाली की जनता को सरोकार कितना है यह जानने के लिए पत्रिका टीवी की ओर से मुद्दा क्या है? कार्यक्रम किसान केशरी गार्डन में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में दोनों प्रमुख दलों की ओर से घोषित प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी। उन्होंने पांच-पांच कारण भी बताए जिनके आधार पर वे जनता के बीच है, लेकिन पाली की जनता के लिए मुख्य मुद्दे दो ही उभरकर सामने आए- वे है प्रदूषण की समस्या का समाधान हो और जवाई का पुनर्भरण हो। इसके अलावा शिक्षा, रोजगार, सडक़, महिला सुरक्षा व किसानों की ऋण माफी आदि मुद्दे छाए रहे।

पांच-पांच मुद्दे जो दोनों प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों ने बताए
भाजपा - महेन्द्र बोहरा, सभापति, नगर परिषद
-शिक्षित प्रत्याशी
-पहली बार पाली से सांसद मंत्री बने
-केन्द्र के सहयोग से प्रदूषण मिटाने को जेडएलडी के 100 करोड़ की स्वीकृति
-केन्द्रीय विद्यालय, सोलर लाइट लगवाना
-पाली में हवाई अड्डा बनाया जाएगा।

कांग्रेस - महावीरसिंह सुकरलाई, प्रतिनिधि कांग्रेस
-पेयजल संकट से निजात दिलाई जाएगी
-सरदारसमंद, हेमावास आदि बांधों की भराव क्षमता बढ़ाकर सिंचाई तंत्र को करेंगे मजबूत
-चिकित्सा क्षेत्र में सुधार किया जाएगा
-दो वर्ष में प्रदूषण समस्या के समाधान के लिए जेडएलडी लगाई जाएगी
-कॉलेज में पीजी संकाय लाया जाएगा

जनता ने यह रखे मुद्दे
मुद्दा - प्रदूषण से किसान व उद्योगपति दोनों परेशान। प्रदूषण से किसान व उद्योगपति दोनों को राहत मिले। -नारायण भाई पटेल, किसान
मुद्दा - किसानों की ऋण माफी नहीं हुई। किसानों के साथ धोखा किया गया। -त्रिलोक चौधरी, चैंजमेकर
मुद्दा - सीवरेज व 24 घंटे पेयजल के नाम पर पूरा शहर खुदा हुआ है। -सुमित्रा जैन, कांग्रेस नेत्री
मुद्दा - औद्योगिक क्षेत्र मंडिया रोड से गुजर रही सडक़ और गांवों में जाने वाले सडक़ें खस्ताहाल। -अमराराम, ग्रामीण
मुद्दा - दिव्यांगों के लिए सामाजिक सुरक्षा को घोषण पत्रों में लेकर कानून बने। - वैभव भंडारी, सामाजिक कार्यकर्ता
मुद्दा- गरीबी रोजगार देने से मिट सकती है, पैसा देने से नहीं। सरकारी बैंकों से लिया किसानों का ऋण भी हो माफ। - भंवर चौधरी, व्यवसायी
मुद्दा - महिला सुरक्षा के लिए कदम उठाने चाहिए। सांसद के लिए शिक्षा अनिवार्य हो। - रामकिशोर साबू, शहरवासी
मुद्दा - प्रदूषण कैसे मिटे, फैक्ट्रियां कैसे शुरू हो। गरीबी कैसे मिटे। - सोहनसिंह राव, शिवसेना
मुद्दा - रूपावास गांव और अन्य सडक़ें टूटी है। ग्रामीण क्षेत्र का हो विकास। - वाघाराम विश्नोई, ग्रामीण
मुद्दा- बिजली चार-चार घंटे गुल रहती है। सीएम कहते हैं अनपढ़ घोड़ा चढ़े तो शिक्षा का विकास कैसे होगा। - मनीष जैन, युवा
मुद्दा - शिक्षा को बढ़ावा देने लिए कार्य हो। छात्र जनप्रतिनिधि के पास तो उसे पढकऱ नहीं बतानी पड़े बात। - लोकेन्द्र पंवार, छात्र
मुद्दा- राष्ट्रीयकृत बैंकों से किसानों का ऋण माफ की क्या गारंटी। - दिग्विजयसिंह, सरपंच, सरदारसमंद

रोजगार से विमुख होंगे लोग
कांग्रेस के मेनीफेस्टो में सालाना 72 हजार रुपए देने की बात कही गई है। इससे लोग रोजगार से विमुख हो जाएंगे। इसके स्थान पर रोजगार लाते तो ठीक होता। यह राशि देने के लिए 3 लाख 60 हजार करोड़ रुपए लाना भी चुनौती होगा। - शानू पारख, सीए

जवाई पुनर्भरण पर हुआ ठोस कार्य
जवाई का पानी जैतारण व मारवाड़ तक पहुंचाया। जवाई पुरर्भरण के लिए ठोस कार्य किया गया। सर्वे करवाकर डिपीआर तैयार की। जोधपुर से पाली पानी लाने के लिए भी विधायक ज्ञानचंद पारख ने योजना स्वीकृत करवाई है। शिक्षा, उज्जवला योजना के साथ बिजली गांवों तक पहुंचाई। - महेन्द्र बोहरा, प्रतिनिधि, भाजपा प्रत्याशी

यूआइटी, मेडिकल कॉलेज आदि हमारी देन
यूआइटी, मेडिकल कॉलेज, जोधपुर फोरलेन हमारी देन है। पाली को हिमालय का पानी कैसे मिले। इस पर कार्य करेंगे। श्क्षिा का स्तर सुधारने और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर कार्य किया जाएगा। मंडिया रोड पुलिया और गढ़वाड़ा मार्ग का भी कार्य करावाया जाएगा। - महावीरसिंह सुकरलाई, प्रतिनिधि, कांग्रेस प्रत्याशी

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