scriptmystical meaning of Dhanteras: Health is the greatest wealth | धनतेरस का गूढ़ अर्थ : स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन | Patrika News

धनतेरस का गूढ़ अर्थ : स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन

गेस्ट राइटर : डॉ. जयराजसिंह शेखावत, वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक, जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, पाली
-समुद्र मंथन से प्रकट हुए भगवान धनवंतरि
-भगवान विष्णु के अवतार माने जाते है आरोग्य के देवता भगवान धनवंतरि

पाली

Published: November 02, 2021 09:43:02 am

पाली। धनत्रयोदशी पर लोग घरों में पीली मिट्टी के रूप में धन लाते है। बाजार में खरीदारी कर नई वस्तुओं को घर में सजाते है। यह तो सभी जानते है, लेकिन इसे मनाने का एक कारण आरोग्य भी है। धनतेरस का गूढ़ अर्थ स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन चिकित्सा के देवता भगवान धनवंतरि प्रकट हुए थे। देवताओं व दानवों के समुद्र मंथन करने पर सागर के रसातल से कई चीजें बाहर आई। इनमें हलाहल विष तो निकला ही था, आरोग्य का वरदान भी मिला था। समुद्र मंथन में भगवान धनवंतरि हाथों में शंख, चक्र, जलौका, लीच व अमृत सहित औषधिय कलश लेकर प्रकट हुए थे। वे समुद्र से निकले 14 रत्नों में से 13वें रत्न थे। इनको भगवान विष्णु का अवतार भी माना जाता है।
धनतेरस का गूढ़ अर्थ : स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन
धनतेरस का गूढ़ अर्थ : स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन
पीतल के बर्तन आदि खरीदने की परम्परा
धनवंतरि जयंती को व्यवहार में धनतेरस कहते है। इस दिन विशेष रूप से स्वास्थ्य प्रद संसाधनों की व्यवस्था के साथ पीतल आदि के कलश आदि खरीदने की परंपरा है। भौतिक धनसंपदा मानसिक प्रसन्नता के साथ उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करती है। एक मान्यता है कि वाराणसी के राजा काशी के पुत्र नहीं होने से उन्होंने जल देवता की आराधना की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर वरुण देवता ने धनवन्तरि के रूप में राजा के घर अवतार लिया। इन्होंने राजशाही सुख छोडकऱ आयुर्वेद का ज्ञान भारद्वाज ऋषि से प्राप्त किया और जनकल्याण की भावना से रोगियों की चिकित्सा में अपना जीवन समर्पित कर दिया।
यह है भगवान धनवंतरि के साथ प्रकट हुई चीजों का
शंख: पवित्रता का प्रतीक है। इसकी मंगल ध्वनि से हृदय को बल और आरोग्य प्राप्त होता है।
चक्र: जिस तरह भगवान विष्णु ने चक्र से असुरों का नाश किया था। उस तरह यह रोगों का नाश करके प्रकृति की सुरक्षा करते हुए स्वास्थ्य प्रदान करते हैं।
जलौका व लीच: दूषित रक्त को चूस कर आरोग्य दीर्घायु प्रदान करना है। शल्य चिकित्सा (सर्जरी) का प्रतीक है।
अमृत व औषध कलश : दीर्घायु और चिर युवा बने रहने का प्रतीक है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Video Weather News: कल से प्रदेश में पूरी तरह से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ, होगी बारिशVIDEO: राजस्थान में 24 घंटे के भीतर बारिश का दौर शुरू, शनिवार को 16 जिलों में बारिश, 5 में ओलावृष्टिदिल्ली-एनसीआर में बनेंगे छह नए मेट्रो कॉरिडोर, जानिए पूरी प्लानिंगश्री गणेश से जुड़ा उपाय : जो बनाता है धन लाभ का योग! बस ये एक कार्य करेगा आपकी रुकावटें दूर और दिलाएगा सफलता!पाकिस्तान से राजस्थान में हो रहा गंदा धंधाइन 4 राशि वाले लड़कों की सबसे ज्यादा दीवानी होती हैं लड़कियां, पत्नी के दिल पर करते हैं राजहार्दिक पांड्या ने चुनी ऑलटाइम IPL XI, रोहित शर्मा की जगह इसे बनाया कप्तानName Astrology: अपने लव पार्टनर के लिए बेहद लकी मानी जाती हैं इन नाम वाली लड़कियां
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.