हम भी चाहते हैं कलंक मिटाना, लेकिन हर गलती की सजा हमें क्यों?

हम भी चाहते हैं कलंक मिटाना, लेकिन हर गलती की सजा हमें क्यों?

Suresh Hemnani | Updated: 04 Aug 2018, 10:58:06 AM (IST) Pali, Rajasthan, India

-पाली का कपड़ा उद्योग, सीइटीपी अध्यक्ष अनिल मेहता से बातचीत
-प्रदूषित पानी छोडऩे वालों पर होनी चाहिए सख्त कार्रवाई

पाली। कपड़ा उद्योग के सिर पर लगा कलंक हम भी मिटाना चाहते हैं। इसके लिए
हरसंभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हर गलती की सजा हमें ही क्यों दी जा
रही। सीइटीपी के अधिकार क्षेत्र में तो सुधार के लिए हम जिम्मेदार है।
बाहर का व्यक्ति प्रदूषण फैलाने जैसा कृत्य करता हैए उसकादोष भी हम पर
मंढ़ा जा रहा है। यह न्याय संगत नहीं है। यह दर्द बयां किया है सीइटीपी
के अध्यक्ष अनिल मेहता ने। उन्होंने कहा कि शहर में बड़ी संख्या में
धुलाई के अवैध प्लांट चलते हैं। इनके खिलाफ फौरी कार्रवाई होती है। इसलिए
वे फिर से शुरू हो जाते हैं।
नदी.नालों में एसिड बहाने की घटनाएं कई बार सामने आ गई। वे कहां से आए।
यहां तक किसने पहुंचाया। उनके पीछे कोई गिरोह तो काम नहीं कर रहा। इसको
लेकर कोई पड़ताल नहीं हुई। कई लोग चोरी.छिपे नालों में रंगीन पानी छोड़
देते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

जेडएलडी लगाने के लिए तैयार
पाली में प्रदूषण की समस्या के समाधान का एक रास्ता जेडएलडी है। इसके लिए
हम तैयार है। केन्द्र की आइपीडीएस योजना के तहत वस्त्र मंत्रालय में
अनुदान के लिए फाइल लगी हुई है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण शुरू करवा
देंगे। हाल ही में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चेयरमैन ने दिशा.निर्देश
दिए थे, उनकी पालना भी सुनिश्चित की जा रही है। स्लज का निस्तारण किया जा
रहा। चार नंबर प्लांट में स्लज यार्ड की दीवार ऊंची करवा दी है। कुछ अन्य
खामियों को भी दुरुस्त करवाया है। प्लांट संख्या दोए चार व छह के
अपग्रेडेशन को लेकर प्रक्रिया चल रही है।

प्रदूषण से पूरा शहर परेशान
पाली में प्रदूषण की समस्या चार दशक से है। इसका खामियाजा किसान और
उद्यमी ही नहींए पूरा शहर भुगत रहा है। किसानों की जमीनें खराब न हो और
उद्योग भी सुचारू चले। नदी.नालों का स्वरूप भी बचा रहे। ऐसा ही कोई
रास्ता अपनाना पड़ेगा, जिससे पाली शहर आबाद रहे। उद्यमियों की नजर में
इसका क्या समाधान हो सकता है, ये जानना भी हमारे लिए जरूरी है। इसलिए
पत्रिका ने तय किया है कि उद्यमियों के सुझाव भी कॉलम के रूप में नियमित
साझा किए जाएंगे।

ट्रस्ट करेगा कार्रवाई
जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हौदियां तोडऩे की कार्रवाई कई
बार कर चुका है, फिर भी यह काम बंद नहीं हो रहा। हौदियों पर धुलाई के
लिए कपड़ा कहां से आ रहा है, ये जानकारी साझा की जाए तो ट्रस्ट भी
कार्रवाई करेगा।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned