अब किसान ऑनलाइन मंगवा सकेंगे बीज

- किसानों को ऑनलाइन रिसर्च का बीज मिलेगा
- किसानों को बाजार के बीज विक्रेताओं की मनमानी से राहत मिलेगी

By: Suresh Hemnani

Published: 19 Sep 2020, 09:40 AM IST

पाली। किसान अब गेहूं और जौ का प्रमाणित बीज ऑनलाइन मंगवा सकेंगे। किसानों को सही बीज मिल सके इसके लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के भारतीय गेहूं व जौ अनुसंधान संस्थान करनाल द्वारा प्रमाणित बीज वितरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोला गया है। इसके जरिए मारवाड़-गोड़वाड़ का किसान गेहूं का डीबीडब्ल्यू 187, कर्णवंदना व डीबीडीब्ल्यू 222 कर्ण नरेन्द्रा और डीडब्ल्यूआरबी 137 किस्म का जौ बीज मंगवा सकेगा।

बीज विक्रेताओं की मनमानी से राहत मिलेगी
किसानों को ऑनलाइन बीज मिलने पर उनको बीज विक्रेताओं की मनमानी से राहत मिलेगी। किसान को महज एक आधार कार्ड के आधार पर अधिकतम 10 किलो बीज 400 रुपए में दिया जाएगा। विशेषज्ञों की मानें तो पोर्टल की खास बात यह है कि गेहूं की इन दो किस्मों के बीज की बंपर मांग रहती है।

120 दिनों में उपज हो जाती तैयार
कृषि विशेषज्ञ के अनुसार गेहूं की दोनों किस्मे राजस्थान में कहीं पर भी उगाई जा सकती है। बीज का वितरण रिसर्च सेंटर पर मौजूद बीज उपलब्ध मात्रा पर निर्भर करेगा। करण वंदना किस्म पत्तों के झुलसने और इसके पौधे बीमार होने की अवस्था में भी गेहूं की अन्य बीमारियों से लडऩे की क्षमता रखता है। इसकी उपज महज 120 दिनों में ही तैयार हो जाती है। रिसर्च के अनुसार इस किस्म की प्रति हेक्टेयर उत्पादन क्षमता 64.70 क्विंटल मानी जाती है। साथ ही इससे आयरन की मात्रा ज्यादा होती है।

दगा भी नहीं देगा बीज
बाजार से खरीदा गया बीज कई बार किसानों को दगा दे जाता है। बुवाई के बाद बीज अंकुरित भी नहीं होता। किसानों के लाखों रुपए खर्च हो जाते हैं। सालभर की पूरी मेहनत बेकार चली जाती है। रिसर्च किया हुआ बीज मिलने से किसानों को फायदा होगा। किसान ठगी के शिकार भी नहीं होंगे।

Suresh Hemnani Desk
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