शिकारियों की नापाक नजरों से अब इस तरीके से महफूज होगा हमारा जंगल

-जवाई लैपर्ड कंजर्वेशन रिजर्व में थर्मल कैमरे स्थापित करने के लिए सर्वे पूरा

 

By: rajendra denok

Published: 16 May 2018, 01:46 PM IST

पाली. कुदरत की ओर से नैमत के रूप में हमें बख्शी गई जंगल की कायनात बहुत जल्द सिर्फ वन्य जीवों की होगी। मुख्यमंत्री की ओर से इस साल के बजट में की गई बजट घोषणा की अनुपालना में पाली जिले के जवाई लैपर्ड कंजर्वेशन रिजर्व को तीसरी आंख की जद में लाने की तैयारियां अंतिम चरण में है। यहां थर्मल कैमरों की स्थापना के लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है। साथ ही सर्वे रिपोर्ट भी विभाग को सौंप दी गई है। अब ये सर्वे वन विभाग को दिया जाएगा। इसके बाद कैमरे स्थापित करने का काम शुरू होगा।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस साल के बजट में जिले के जवाई लैपर्ड कंजर्वेशन रिजर्व के साथ रणथंभौर टाइगर रिजर्व, सरिस्का टाइगर रिजर्व, मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व तथा झालाना नेचर पार्क में वन्यजीवों के लिए आईटी सिक्योरिटी सिस्टम स्थापित करने का ऐलान किया था। इसका जिम्मा सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग को दिया गया है। विभाग ने पांचों स्थानों पर निजी फर्म के जरिए नाइट विजन थर्मल कैमरे स्थापित करने की तैयारी कर ली है, ताकि शिकार, घुसपैठ तथा अन्य अवैध गतिविधियों की रोकथाम हो सके। इन कैमरों की खासियत है कि ये रात के अंधेरे में भी दस किलोमीटर तक के क्षेत्र को साफ तौर पर कवर कर सकते हैं।

बलवना गांव में बनेगा मॉनिटरिंग रूम

जवाई लैपर्ड कंजर्वेशन रिजर्व (जेएलसीआर )में लगभग आधा दर्जन पहाडिय़ां चिह्नित की गई है, जहां टॉवर लगाकर थर्मल कैमरे लगाए जाएंगे। लुंदा, कोठार, पैरवा, सेना व हिलोरा की पहाड़ी से पूरा जेएलसीआर कवर होगा। बलवना गांव की वन चौकी में डाटा सेंटर तथा मॉनिटरिंग रूम बनेगा। कैमरों को डाटा सेंटर से जोडऩे के लिए लगभग 66.54 किलोमीटर आईएफसी केबल बिछेगी। कैमरों तथा डाटा सेंटर को निर्बाध बिजली के लिए थ्री फेज 40 किलोवॉट का बिजली कनेक्शन लिया जा रहा है। डाटा सेंटर के जरिए हर वन्य जीव की जीपीएस तकनीक के माध्यम से मॉनिटरिंग होगी।

कहां-कितनी दूरी

बलवना से पैरवा की पहाड़ी-12.4 किमी
पैरवा से सेना की पहाड़ी-15.14 किमी

बलवना से कोठार की पहाड़ी-17.7 किमी
कोठार से हिलोरा की पहाड़ी-14.5 किमी

हिलोरा की पहाड़ी से लुंदा की पहाड़ी-6.8 किमी

जल्द शुरू होगा काम

जवाई लैपर्ड कंजर्वेशन रिजर्व के सर्वे की रिपोर्ट मिल गई है। यह रिपोर्ट अब वन विभाग को भेजी जाएगी। हमने डाटा सेंटर व मॉनिटरिंग रूम के लिए वांछित बिजली के लिए फाइल लगा दी है। जल्द काम शुरू हो जाएगा।

-राजेश कुमार चौधरी, एसीपी, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग

 

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