पच्चीस साल संघर्ष किया तो मंजू हो गई दसवीं पास

पच्चीस साल संघर्ष किया तो मंजू हो गई दसवीं पास

Rajendra Singh Denok | Publish: Dec, 27 2016 04:00:00 PM (IST) Pali, Rajasthan, India

रायपुर मारवाड़ (पाली). हर बार गिरकर उठने और मंजिल को पा लेने वाली नन्ही चींटी वाली कहानी एक महिला ने दोहराई है। दसवीं पास कर बच्चों की अच्छी परवरिश करने की चाहत लिए इस महिला ने 25 साल की साधना की। स्टेट ओपन के परिणाम में महिला को दसवीं पास होने की खबर मिली तो खुशी के मारे आंखें भर आईं।

कस्बे की 40 वर्षीय मंजू सोनी कम उम्र में दुल्हन बनी। मंजू का जीवन कई उतार चढाव से गुजरा। जब कोख में छह माह का शिशु था तब पति श्यामसुंदर का निधन हो गया। कम उम्र में सुहाग उजड़ा तो वह टूट सी गई। पति की मौत के तीन माह बाद दो जुड़वा बच्चे हुए। दोनों बेटों को अच्छी परवरिश देने की चाहत में इसने नौकरी की तलाश की। जहां भी गई वहां दसवीं पास की अनिवार्यता रोड़ा बन गई। आठवी पास मंजू ने उसी दिन दसवीं पास करने की ठान ली। 24 साल तक स्टेट ओपन की दसवीं की परीक्षा देती रहीं। हर बार पांच से सात नम्बर कम आने से वह पास नहीं हो सकी। बावजूद इसके इसने हिम्मत नहीं हारी। 25वे साल के प्रयास में आज कामयाबी मिल गई। आज जब बेटे अजय सोनी ने अपनी मां को अंक तालिका हाथों में थमाते हुए पास होने की खबर सुनाई तो मंजू की आंखें भर आई। मंजू का बेटे अजय ने भी अपनी मां के इस सपने को पूरा करने में पूरा सहयोग किया। 

महिला साक्षरता में पिछड़ा हुआ है क्षेत्र

रायपुर ब्लॉक महिला साक्षरता के क्षेत्र मेंं पिछड़ा हुआ है। मंजू ने अपनी 25 साल की इस साधना के बाद मिली कामयाबी से महिला साक्षरता को बढ़ावा देने की मिसाल कायम की है। 

पहला मामला

कस्बे का यह पहला मामला है। जब किसी विधवा महिला ने सरकारी नौकरी की चाहत में दसवीं पास होने के लिए 25 साल तक संघर्ष किया हो। आज कस्बे सहित क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना रहा।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned