व्यवस्थाएं जांचने एमसीआई का दल पहुंचा पाली, अगले शिक्षा सत्र में मेडिकल स्टूडेंट के प्रथम बैच में प्रवेश की जगी उम्मीद

Avinash Kewaliya

Publish: Nov, 14 2017 01:09:01 (IST)

Pali, Rajasthan, India
व्यवस्थाएं जांचने एमसीआई का दल पहुंचा पाली, अगले शिक्षा सत्र में मेडिकल स्टूडेंट के प्रथम बैच में प्रवेश की जगी उम्मीद

प्रदेश के सात नवस्वीकृत मेडिकल कॉलेज में पाली 88 प्रतिशत कार्य के साथ सबसे आगे, अब एमसीआई की निरीक्षण रिपोर्ट तय करेगी भविष्य

पाली.

जिले में अगले शिक्षा सत्र 2017-18 में मेडिकल कॉलेज शुरू होने की उम्मीद एक बार फिर से जाग गई है। सोमवार को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की टीम मेडिकल कॉलेज व बांगड़ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का निरीक्षण करने के लिए पाली पहुंची। टीम ने मेडिकल कॉलेज भवन व बांगड़ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में हुई सुविधाओं के विस्तार की एक वीडियोग्राफी सहित एक गोपनीय रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट के आधार पर मेडिकल कॉलेज को एलओपी मिलने का रास्ता खुलेगा। यह दूसरी बार है कि एमसीआई की टीम पाली में मेडिकल कॉलेज को मान्यता देने के सिलसिले में निरीक्षण के लिए आई है।

गौरतलब है कि गत वर्ष भी पाली में मेडिकल कॉलेज का प्रथम सत्र शुरू करने के लिए एमसीआई की टीम निरीक्षण के लिए आई थी। लेकिन, सुविधाओं के अधूरे होने व स्टाफ की नियुक्ति नहीं होने से एमसीआई की ओर से गत वर्ष मान्यता नहीं दी गई। इस वर्ष सरकार की ओर से मेडिकल कॉलेज को लेकर सभी सुविधाओं को पूरा कर लिया गया है। सरकार की ओर से कॉलेज में मेडिकल स्टूडेंट के प्रथम वर्ष बैच को पढ़ाने के लिए स्टाफ भी नियुक्त कर दिया गया है। अधिकारी इस बार मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिलने के मामले में पूरी तरह से आश्वस्त नजर आ रहे है। निरीक्षण के दौरान टीम के साथ मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. दिलीपसिंह चौहान व बांगड़ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. एमएस राजपुरोहित सहित अन्य स्टाफ मौजूद था।

90 प्रतिशत से महज दो प्रतिशत ही पीछे

अधिकारियों ने बताया कि मेडिकल कॉलेज को शुरू करने और उसमें प्रथम बैच को प्रवेश देने की अनुमति के लिए एमसीआई की 90 प्रतिशत गाइड लाइन को पूरा करना होगा। अभी जिले की मेडिकल कॉलेज ने 88.06 प्रतिशत गाइड लाइन के तहत सुविधाओं को पूरा कर दिया है। साथ ही इस माह के अंत तक मेडिकल कॉलेज में 90 प्रतिशत से अधिक कार्य हो जाएगा।

एलओपी के लिए था निरीक्षण

अधिकारियों ने बताया कि एमसीआई की टीम का यह निरीक्षण एलओपी के लिए है। इस निरीक्षण के बाद एमसीआई की ओर से प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को प्रवेश देने की अनुमति मिल जाएगी। मेडिकल कॉलेज की सभी सुविधाएं पूरी होने के बाद एक बार फिर एमसीआई की टीम स्थाई मान्यता देने के लिए निरीक्षण करने आएगी।


एक नजर पाली मेडिकल कॉलेज
कुल भूमि - 90 बीघा

पहला मेडिकल स्टूडेंट का बैच - 100
नियुक्त मेडिकल कॉलेज स्टाफ - 33

 

ये सुविधाएं तैयार

1. मल्टी परपज हॉल
2. केफिड एरिया

3. डिफेक्सन
4. लेबोरेट्री

5. डेमोस्ट्रेशन व सेमिनार हॉल
6. प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर कक्ष

7. एनाटॉमी व फोरेसिंग मेडिसन
8. माइक्रो बायोलॉजी व पैथोलॉजी रूम

10. चार लेक्चरर हॉल
11. सेंटर लैब

12. लाइब्रेरी व रीडिंग रूम
13. चार मंजिल के गल्र्स व बॉयज हॉस्टल, प्रत्येक मंजिल पर 48 रूम

14. एक प्रिंसिपल आवास
15. 4 बिल्डिंग स्टाफ के लिए

अगले शिक्षा सत्र में कॉलेज शुरू होने की उम्मीद

- मेडिकल कॉलेज को एलओपी देने के लिए सोमवार को एमसीआई की टीम ने निरीक्षण किया। हमारी ओर से एमसीआई की गाइड लाइन के तहत सुविधाओं को पूरा कर दिया गया है। उम्मीद है अगले शिक्षा सत्र में जिले में मेडिकल कॉलेज का पहला बैच शुरू हो जाएगा।

- डॉ. दिलीपसिंह चौहान, प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल

फैक्ट फाइल....
प्रदेश में नए खुलने वाले मेडिकल कॉलेज की स्थिति

स्थान ........................ कार्य की पूर्णता

मेडिकल कॉलेज पाली - 88. 52 प्रतिशत
मेडिकल कॉलेज भीलवाड़ा - 76.06 प्रतिशत

मेडिकल कॉलेज भरतपुर -62.61 प्रतिशत
मेडिकल कॉलेज डुंगरपुर - 61.69 प्रतिशत

मेडिकल कॉलेज चूरू - 48.90 प्रतिशत
मेडिकल कॉलेज बाड़मेर - 41.00 प्रतिशत

मेडिकल कॉलेज सीकर - 25.20 प्रतिशत

 

 

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