अनपढ़ होकर भी राजस्थान की ‘समुदेवी’ ने देश में बढ़ाया मान, प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि कर्मण अवार्ड से नवाजा

-जैविक खेती [ Organic farming ] का कमाल देश में चमका रोहट का डूंगरपुर गांव [ Dungarpur village of Rohat ]
-वर्ष 2016-17 में की चने का लिया था उत्पादन

By: Suresh Hemnani

Published: 03 Jan 2020, 08:18 PM IST

पाली/रोहट। राजस्थान के पाली जिले के रोहट क्षेत्र का छोटा सा गांव डूंगरपुर आज देश में किसी पहचान का मोहताज नहीं रहा है। जबकि एक दिन पहले तक जिले के लोग भी इस गांव का नाम नहीं जानते थे। गांव के साथ जिले का नाम देश के पटल पर चमकाने का कार्य भी एक अनपढ़ व कृषक महिला समुदेवी [ farmer Samudevi ]
पत्नी मुन्नालाल ने किया है। जिनको कर्नाटक के तुमकुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी [ Prime Minister Narendra Modi ] ने कृषि कर्मण पुरस्कार [ Krishi Karman Award ] से नवाजा। पुरस्कार के रूप में दो लाख रुपए और प्रमाण पत्र प्रदान किया है।

अवार्ड प्राप्त करने के बाद समुदेवी निरक्षर है और उनके पति मुन्नालाल साक्षर है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से सहयोग से वर्ष 2016-17 में अपनी कृषि भूमि पर चने की फसल बोई। इसमें रासायनिक के बजाय जैविक खाद (गोबर) का उपयोग किया। इससे उनके खेते में प्रति हैक्टेयर 44 क्विंटल चने का उत्पादन हुआ। इसी के आधार पर उनका चयन कृषक कर्मण पुरस्कार के लिए किया गया।

इस तरह की खेती
डूंगरपुर गांव के सामान्य व खेतीहर परिवार से ताल्लुक रखने वाली 48 वर्ष की समु देवी बताती है कि वे बचपन से खेती से जुड़ी थी। गांव में अब पति-पत्नी मिलकर खेती ही करते हैं। उनके करीब दस बीघा के खेत में उन्होंने चने की खेती की थी। उस समय गाय के गोबर की खाद के साथ उन्नत बीज का उपयोग किया। समय पर बुवाई की थी और नियमित खरपतवार को हटाया। इससे उनके खेत में अच्छी पैदावार हुई। अब वे बेर के बाग लगाने में जुटी हैं। उन्होंने बताया कि उनके दो बेटी व दो बेटे हैं। बेटे ग्रेजुएट है जबकि बेटियां बारहवीं में अध्ययन कर रही है।

एक बार तो विश्वास नहीं हुआ
कृषि कर्मण पुरस्कार के लिए उनका चयन होने की सूचना कृषि विभाग की ओर से दी गई। इस पर एक बारगी तो उनको विश्वास नहीं हुआ। समु देवी का कहना है कि पुरस्कार के लिए कर्नाटक जाने का कहने पर एक बार तो उन्होंने व उनके पति ने मना कर दिया। इसके बाद कृषि विभाग के अधिकारियों के आग्रह पर वे पुरस्कार लेने गए। वहां जाकर उनको गर्व का अनुभव हुआ। उनकी सफलता से ग्रामीणों में भी खुशी है।

इस तरह करते हैं चयन
कृषि विभाग के सहायक निदेशक डॉ. मनोज अग्रवाल ने बताया कि राजस्व फसल की कटाई के प्रयोग में समु देवी का चयन हुआ है। इसके तहत पांच गुणा पांच मीटर के खेत में बोई फसल को काटकर तोला जाता है। उसमें अधिक उत्पादन आने पर कृषक का चयन किया जाता है। समु देवी के एक हैक्टेयर में 44 क्विंटल फसल हुई थी। इस पर राजस्व मण्डल की ओर से उनका नाम इस पुरस्कार के लिए भेजा गया और चयन भी हुआ।

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