पाली : राज्य स्तरीय चार पहिया वाहन चोर गिरोह का राजफाश, मुख्य सरगना सहित तीन गिरफ्तार

कार्रवाई : 9 चार पहिया व एक दुपहिया वाहन जब्त
-20 साल का युवक चला था राज्य भर में गिरोह
-जिले की 7 वारदातें व राज्य की एक दर्जन से अधिक वारदातें कबूली

By: Suresh Hemnani

Published: 18 Dec 2020, 08:54 AM IST

पाली/रायपुर मारवाड़। जिले के रायपुर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए राज्य स्तरीय चार पहिया वाहन चोर गिरोह का राजफाश किया है। पुलिस ने मुख्य सरगना सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही 9 चार पहिया व एक दुपहिया वाहन जब्त किया है। आरोपियों ने अब तक जिले की सात व राज्य के विविध जिलों की एक दर्जन से अधिक वारदातें कबूल कर ली है। पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ में जुटी है।

पुलिस अधीक्षक राहुल कोटोकी के अनुसार जिले में दुपहिया वाहन के बाद चार पहिया वाहनों की चोरी की वारदातें निरंतर बढ़ रही थी। जिन थाना इलाकों में वाहन चोरी हुए वहां के एसएचओ को विशेष टीम गठित कर गिरोह का राजफाश करने के सख्त निर्देश दिए गए।

यूं मिली कामयाबी
स्थानीय थाना क्षेत्र में दस दिन में चार पहिया वाहनों की वारदातें बढ़ी। चोरों ने रायपुर, बर, दीपावास से तीन वाहन चोरी किए। थानाधिकारी मनोज राणा ने स्पेशल टीम गठित कर कड़ी से कड़ी जोड़ गिरोह के सरगना बगड़ी थाना क्षेत्र के खोडिय़ा निवासी विजयसिंह पुत्र रामसिंह रावत को हिरासत में लिया। पुलिस ने इससे गहन पूछताछ कर इसके साथी सोजत के छितरिया निवासी जगदीश पुत्र भंवरलाल जाट व जैतारण के बागियाड़ा निवासी हनुमानराम पुत्र बुधाराम जाट को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की। गुरुवार को एएसपी तेजपालसिंह व जैतारण डीएसपी सुरेश कुमार ने रायपुर थाने पहुंच आरोपियों से पूछताछ की।

जेल से छूटते ही फिर शुरू कर दी चोरी
थानाधिकारी राणा ने बताया कि विजयसिंह कम उम्र में ही चोरी की वारदातें करना लगा। पहले बाइक चोरी किया करता था। उसमें कम दाम मिलते देख इसने चार पहिया वाहन चुराने शुरू कर दिए। विजयसिंह ने गिरोह बनाया। जगदीश व हनुमान को साथ जोड़ा। वाहन चोरी के मामले में विजयसिंह पकड़ा गया। चार माह तक जेल में रहा। डेढ़ माह पहले छूटते ही फिर से वाहन चुराने शुरू कर दिए।

व्यापार में घाटा लगा तो बन गया चोर
जगदीश बैंगलूरू में हार्डवेयर का व्यापार करता था। व्यापार में घाटा लगा तो आर्थिक तंगी सताने लगी। हनुमान हैदराबाद में दुकान पर नौकरी करता था। पिछले दिनों हैदराबाद में विजयसिंह की मुलाकात जगदीश व हनुमान से हुई। विजयसिंह की बातों में आकर जगदीश व हनुमान भी गांव लौट आए ओर चोरी की वारदातों में साथ हो लिए।

जंगल में छिपाते वाहन
विजयसिंह चोरी किए गए वाहन को पहाड़ी क्षेत्र में झाडिय़ों की ओट में छिपाता। किसी वाहन को पत्थरों की खदानों में छिपा देता। ज्यों ही वाहन का खरीददार मिलता उसे वाहन बेच देता। ये लोडिंग जीप व कारें महज 40 से 50 हजार में बेच देता। जो पैसा मिलता उसका बड़ा हिस्सा स्वयं लेता जबकि शेष अपने साथियों में बांट देता।

यहां की है वारदातें
विजयसिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर रायपुर में तीन, जैतारण में दो, आनंदपुर कालू से एक, कोतवाली हल्के से एक चार पहिया वाहन चोरी किया। जबकि राजसमंद, अजमेर, जोधपुर सहित राज्य के विविध जिलों से भी कई चार पहिया वाहन चोरी किए है।

Suresh Hemnani
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