पॉलि-ट्रिक्स : जानिए पाली की राजनीति के अंदरूनी किस्से

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Politics Special Column :

-राजेन्द्रसिंह देणोक
सरपंचाई का क्रेज
पाली। Panchayat raj election 2020 : पंचायतीराज में सबसे बड़ा पद जिला प्रमुख का होता है। इसके बाद प्रधान का पद महत्वपूर्ण माना जाता है। फिर भी सरपंचाई का क्रेज बढकऱ है। वैसे भी जिला परिषद [ Zila Parishad ]और पंचायत समिति [ Panchayat committee ] सदस्यों के चुनाव ग्राम पंचायतों [ Grampanchayat ] के बाद ही होंगे। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के कई नेता सरपंचाई में भाग्य आजमाने को आतुर है। कई तो ऐसे भी है जिनकी तीनों पदों पर नजर है। कुछ ऐसे भी हैं जो दावेदारी तो सरपंचाई की कर रहे हैं। असल में उन्हें जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के लिए मैदान में उतरना है। वे सरपंच पद के अन्य दावेदारों से इस शर्त पर मोलभाव कर रहे हैं कि अगले चुनावों में उनका समर्थन करें तो वे ग्राम पंचायत का रण छोड़ देंगे। चुनावों में ऐसे दांव-पेच तो सियासत की तासीर है।

नेताजी की चमक-दमक
सत्ता के नशे की भी अजीब तासीर है। इसकी महक सत्ता में जरूर असर छोड़ती है। जब भी कोई पार्टी सत्ता में आती है उसके नेता-कार्यकर्ता मांद से बाहर आ जाते हैं। सत्ता बदलते ही निष्क्रिय हो जाते हैं। सत्ता के साथ यह खेल बनता-बिगड़ता रहता है। कांग्रेस में ऐसे ही एक शहरी नेताजी है जिनकी चमक-दमक इन दिनों हर कहीं रंग जमा रही है। ऐसा भी नहीं कि सत्ता-संगठन से उन्हें अभी कोई आशीर्वाद मिला हो। एक संगठन के जरिए उन्होंने खुद को सुर्खियों में ला रखा है। यूं तो सत्ता और संगठन में भी उनकी पकड़ मजबूत है। फिर भी किसी न किसी माध्यम से खुद को प्रासंगिक बनाए रखने की कला में वे दक्ष है। विधायकी के चुनावों में उनकी गणित जरूर गड़बड़ा जाती है।

कांग्रेसजनों का विपक्षी मोह
यूं तो प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता है। फिर भी कपड़ा नगरी के कांग्रेसजनों का विपक्ष में रहने का मोह नहीं छूट रहा। केवल विधायकी और निकाय चुनावों की ही बात नहीं है। यहां तो कांग्रेसजनों की हथाईभी विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर ही होती है। विपक्षियों के लिए कलक्ट्री के सामने की जगह तय है। सत्ता तक कोई बात पहुंचानी हो चाहे सत्ता का मुखर विरोध, अक्सर यहीं बैठकर किया जाता है। यह स्थल कांग्रेस के कई पदाधिकारियों का पसंदीदा है। वे अक्सर यहीं बैठकर गप्पबाजी करते हैं। कहीं यही मोह तो भारी नहीं पड़ रहा। आखिर दो दशक से शहरी सत्ता से बेदखल है।

rajendra denok Reporting
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