विश्व पृथ्वी दिवस पर बनाए पोस्टर, सजाई रंगोली

- दिया हरियाली बचाओ-पृथ्वी बचाओं का संदेश

By: Suresh Hemnani

Published: 23 Apr 2020, 12:05 AM IST

पाली। World earth day 2020 : माता भूमि पुत्रोहम् पृथिव्या। वसुधैव कुटुम्बकम्। भारतीय संस्कृति का मूल संदेश है। यह धरा आज हर तरफ से मानवीय भूलों का दंश झेल रही है। एक तरफ औद्योगिकीकरण के चलते पर्यावरणीय प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि यह धरा सांस भी नहीं ले पा रही है। दूसरी तरफ आज कोरोना की फैलती व्याधि ने यह सोचने को विवश कर दिया है कि आखिर मानव अब क्या करे ताकि पूरा मानव समाज सुरक्षित रह सके। एक सूक्ष्माणु ने विकास की रफ्तार को ही ठप नहीं कर दिया, बल्कि मानव सभ्यता को खतरे में ला खड़ा कर दिया है। कुछ ऐसे ही संदेश आज हमें विश्व पृथ्वी दिवस पर नौनिहालों ने दिए।

लॉकडाउन के चलते सार्वजनिक आयोजन तो नहीं हुए, लेकिन बच्चों ने अपने स्तर पर रंगोली, पोस्टर आदि बनाकर जन सामान्य तक धरा बचाने के संदेश दिए। बालिका ऋतु सोनी ने अपने घर के फर्श पर ही रंगोली सजाई और पृथ्वी को हरा-भरा रखने एवं मानवीय भूलों से धरा को संरक्षित रखने के संदेश दिया। जबकि प्रियांशी छाजेड़ ने पोस्टर बनाकर खिलखिलाती पृथ्वी को संरक्षित एवं सुरक्षित रखने का संदेश दिया। शेखावत नगर निवासी दो नन्हे भाइयों मुकेश व प्रवीण ने अपने नन्हे हाथों से चित्र बनाकर पृथ्वी बचाने का संदेश दिया।

विष्णुप्रसाद चतुर्वेदी बाल विज्ञान समिति की ओर से 151 पौधों के गमले तैयार किए गए। समिति की ओर से हर वर्ष स्कूलों व विज्ञान प्रतिभाओं को ये पौधे भेंट किए जाते हैं और हरियाली बचाने का संदेश दिया जाता है। समिति की संरक्षक शैल चतुर्वेदी एवं तृप्ति पांडेय ने पूरे परिवार के साथ मिलकर पौधे तैयार किए हैं। उनका कहना है कि विज्ञान के विकास के साथ हमें संस्कारों का बीजारोपण भी करना होगा। कटते पेड़ एवं बढ़ते कंकरीट के जंगल में आज धरा वृक्ष विहीन हो गई है और ऐसे में पर्यावणीय असंतुलन पैदा हो रहा है। इसे बचाना देश के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

Suresh Hemnani
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