जूनाखेड़ा की खुदाई में मिले सामान्य जनजीवन के अवशेष

- खुदाई में मिले कई अवशेष
- पुराविदों ने कुटीर उद्योग की भी संभावना जताई

By: Suresh Hemnani

Published: 25 Feb 2021, 02:40 PM IST

पाली/नाडोल। जिले के नाडोल के ऐतिहासिक जूना खेड़ा प्राचीन स्थल के उत्खनन के दौरान विभिन्न सभ्यता कालीन पुरातात्विक अवशेष मिले हैं। उत्खनन अधिकारियों का कहना है कि खुदाई गहरी होने पर प्राचीन अवशेषों के साथ नाडोल के इतिहास की भी जानकारी प्राप्त होगी। जूना खेड़ा के उत्खनन से मिले महत्वपूर्ण अवशेषों का अध्ययन करने के बाद पुरातत्व विभाग की टीम द्वारा लगातार खुदाई की जा रही है। उल्लेखनीय है कि पुरावैभव की खोज के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग दिल्ली से स्वीकृति मिलने के बाद से ही फि र से पुरातत्व संग्रहालय विभाग की ओर से प्राचीन जूना खेड़ा में उत्खनन कार्य शुरू हुआ। यहां पर पुरातत्व विभाग की टीम में डॉ. विनीत गोधल, सुनील सांखला, रजनीकांत वर्मा, गुलशनकुमार, जगदीश चंद्ररूल, मानाराम सीरवी, रतनसिंह बेड़ा कर्मचारी उत्खनन में जुटे हैं।

उत्खनन में मिले पुरावशेष
प्राचीन जूना खेड़ा में उत्खनन टीम द्वारा अवशेष क्षतिग्रस्त नहीं हो इसको लेकर अनुभवी कार्मिकों द्वारा छोटे-छोटे औजारों से वैज्ञानिक पद्धति से खुदाई की जा रही है। टीम को उत्खनन के दौरान अच्छी आकृति वाला बीड का टुकड़ा, कौडिय़ां, सीप से बनी हुई चूडिय़ों के टुकड़े, हल्के पत्थर के महिलाओं के कमर में बांधने वाले मणके, आभूषण की डाई व ठोस मिट्टी से बने छोटे-छोटे टुकड़े मिले हैं। पुराविदों का कहना है कि इस प्राचीन सभ्यता में यह क्षेत्र कुटीर उद्योग का क्षेत्र भी माना जा सकता है। जूना खेड़ा की खुदाई में मिले साक्ष्य के आधार पर यह कहा जा सकता है कि यहां की महिलाएं आभूषण प्रिय थी।

जानकारी को जुटने लगे लोग
नाडोल के प्राचीन जूना खेड़ा के उत्खनन के दौरान आस-पास क्षेत्र के पुरातत्व प्रेमियों ने अपनी रुचि दिखाई। पुरातत्व प्रेमी रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी रणवीरसिंह चौहान व रमेश सेन ने प्राचीन जूना खेड़ा के ऐतिहासिक अवशेषों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

Suresh Hemnani
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