छह कार्मिकों के कंधों पर बजरी का अवैध खनन रोकने की जिम्मेदारी

छह कार्मिकों के कंधों पर बजरी का अवैध खनन रोकने की जिम्मेदारी

Avinash Kewaliya | Publish: Dec, 08 2017 01:12:43 PM (IST) Pali, Rajasthan, India

- जिले की छह तहसीलों में दे रखी है खनन अनुमति

 

पाली.

जिले में अवैध खनन को रोकने की मुख्य जिम्मेदार खनन विभाग की है। लेकिन, कार्मिकों की कमी व संसाधनों के अभाव के चलते खनन विभाग अवैध खनन पर रोक नहीं लगा पा रहा है। हालांकि, पुलिस की इसमें मदद ली जा रही है लेकिन हकीकत यह है कुछ कार्रवाईयों के बाद पुलिस भी अपने लंबित मामले निपटाने को प्राथमिकता दे रही है। दोनों विभागों के सामंजस्य के अभाव में खनन माफियाओं की मौज बनी हुई है। जो रात के अंधेरे से लेकर दिन के उजाले में अवैध रूप से बजरी खनन करने में जुटे हुए हैं।

बजरी खनन पर सुप्रीम कोर्ट ने बिना पर्यावरण मंजूरी के रोक लगा रखी है, लेकिन पाली शहर सहित जिले भर में रात के अंधेरे में चोरी-छीपे खनन बदस्तूर जारी है और खननकर्ता मुंह मांगे दामों पर बजरी शहर में बेच रहे हैं। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है और आमजन को मुंहमांगे दाम चुकाने पड़ रहे हैं।

खनन विभाग- छह कार्मिक और एक वाहन

सोजत खनन विभाग में वर्तमान में एक खनि अभियंता, दो सहायक खनि अभियंता, तीन फोरमैन कार्यरत है। इन छह जनों के जिम्मे जिले भर में अवैध खनन रोकने की मुख्य जिम्मेदारी है। लेकिन हकीकत यह है क्षेत्र में दौड़-भाग करने के लिए भी इन्हें महज एक वाहन दिया हुआ है। जिसके भरोसे अवैध खनन को रोकना काफी मुशिकल है।

जिले में छह जगह खनन अनुमति

रोक से पूर्व खनन विभाग की ओर से जिले में पाली तहसील सहित रोहट, सुमेरपुर, मारवाड़ जंक्शन, सोजत व रायपुर तहसील के नदी व नालों में बजरी खनन के लिए अनुमति पत्र जारी किए हुए है। वर्तमान में हाईकोर्ट की रोक लगी हुई है।

बना रहे हैं योजना

मेरे सहित छह कार्मिक है और फील्ड में जाने के लिए महज एक वाहन। ऐसे में हर जगह तो अवैध खनन रोकने के लिए नहीं पहुंच सकते। इसलिए पुलिस की भी मदद विभाग की ओर से ली जा रही है।

- भीमसिंह, खनि अभियंता, खनिज विभाग, सोजत

 

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