VIDEO : पत्नी से अवैध सम्बंधों के चलते दस लाख की सुपारी देकर करवाई थी हत्या

- पाली जिले के फालना में दिनदहाड़े कानसिंह की गोली मारकर हत्या करने की वारदात का राजफाश
- दो आरोपी गिरफ्तार, शेष की तलाश जारी

By: Suresh Hemnani

Updated: 26 Aug 2020, 12:29 PM IST

पाली/फालना। जिले के फालना कस्बे में गत 20 अगस्त को दिनदहाड़े गोली मारकर कान सिंह सिसोदिया नाम के युवक की हत्या करने की वारदात का पुलिस ने मंगलवार को राजफाश कर दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी भरत वैष्णव पुत्र नवलदास वैष्णव निवासी नोवी हाल मुम्बई व ईश्वरसिहं पुत्र नरपतसिहं देवड़ा निवासी मोछाल जिला सिरोही को गिरफ्तार किया है। दोनों रिमाण्ड पर है। कानसिंह के भरत की पत्नी से अवैध सम्बंध थे, इसके चलते भरत परेशान था। उसने दस लाख रुपए की सुपारी से कान सिंह की हत्या करवाई की साजिश रची। इसके लिए बतौर एडवांस पांच लाख रुपए अरविन्दकरण सिहं पुत्र छत्तर सिहं देवड़ा निवासी मोछाल को दिए। अरविंदकरण सहित तीन नामजद आरोपी अब भी फरार है, उनकी तलाश जारी है।

पांच लाख रुपए बतौर सुपारी एडवांस
पुलिस अधीक्षक राहुल कोटोकी के अनुसार विजय नगर फालना निवासी कानसिंह की हत्या के मामले में एएसपी बाली ब्रजेश सोनी सहित फालना थानाधिकारी अशोक सिंह, सुमेरपुर थानाधिकारी रविंद्र सिंह खिंची, बाली थानाधिकारी बलभद्र सिंह, उप निरीक्षक राजदीपेन्द्र सिंह, एएसआई कमलसिंह, साइबर सैल के गौतम आचार्य के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, टोल नाकों के फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल की पड़ताल में पाया कि हत्या का मुख्य आरोपी भरत वैष्णव पुत्र नवलदास वैष्णव निवासी नोवी हाल जावेरी बाजार मुम्बई है। उसने सुपारी देकर कान सिंह की हत्या करवाई। इसके लिए बतौर एडवांस पांच लाख रुपए अरविन्दकरण सिहं पुत्र छत्तर सिहं देवड़ा निवासी मोछाल को दिए।

पहले व्यापार साथ किया, फिर हत्या करवाई
कानसिंह सिसोदिया रेलवे के टिकट बुकिंग व रिजर्वेशन का काम करता था। मुख्य आरोपी भरत वैष्णव व उसकी पत्नी परिवार भी मुम्बई से फालना ट्रेन से आते-जाते थे। वे ट्रेन के टिकट कानसिंह के माध्यम से ही करवाते थे। इससे दोनों में पारिवारिक संबंध हो गए। भरत व कानसिंह ने साथ में जमीन संबंधी व्यापार भी किया। भरत वैष्णव की पत्नी एवं मृतक कानसिहं के बीच अवैध सम्बंध हो गए। इस बात को लेकर कई बार भरत ने अपनी पत्नी व कानसिंह से झगड़ा भी किया। पिछले 3-4 साल से उसकी पत्नी से कानसिंह से नजदीकियों को लेकर विवाद बढ़ता गया, इससे भरत परेशान रहने लगा। भरत ने कानसिंह की हत्या की साजिश रची। इसके लिए उसने सिरोही के अपराधी प्रवृत्ति के अरविन्दकरण सिहं पुत्र छत्तर सिंह देवड़ा से सम्पर्क किया। आरोपी अरविन्दकरण सिंह ने एक माह में कानसिंह की हत्या करने बात कहते हुए पांच लाख रुपए एडवांस ले लिए। अरविन्दकरण सिहं खुद के फोन से भरत वैष्णव से सम्पर्क नहीं करता था। वह अपने रिश्तेदार ईश्वर सिहं पुत्र नरपत सिंह निवासी मोछाल, जो शिवगंज क्षेत्र में वृन्दावन होटल नामक ढाबा चलाता हैं, उसके मोबाइल से बात करता था।

रुपए लेने के बाद भी हत्या नहीं की, हुआ विवाद
रुपए देने के काफी समय बाद भी अरविंदकरण सिंह ने जब कानसिंह की हत्या नहीं की तो भरत नाराज हो गया। उसने ईश्वर सिंह से शिकायत की। इसके बाद बीस अगस्त को कानसिंह की हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद वाट्सएप कॉल से भरत को बता दिया। आरोपी अरविंद करण सिंह, उसके साथी धर्मा उर्फ धर्मेश पुत्र केसाराम निवासी सुमेरपुर, जुबेर जई पुत्र मुर्तजा खां निवासी शिवगंज हाल जालोर नामजद आरोपी फरार है। दो अन्य आरोपियों की भूमिका भी सामने आ रही है।

Suresh Hemnani
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