चुग्गा डाल रहे हैं तो सावधान, बर्ड फ्लू का खतरा

-पक्षियों में मृत्यु दर 70 से 100 प्रतिशत तक
-मनुष्य में रोग फैलने पर मृत्यु दर 60 प्रतिशत तक
-पाली में एक पक्षी की रिपोर्ट आ चुकी है पॉजिटिव

By: Suresh Hemnani

Published: 10 Jan 2021, 10:29 AM IST

-राजीव दवे/राजेन्द्रसिंह दूदौड़
पाली। एवियन इन्फ्लूएन्जा (बर्ड फ्लू) रोग पाली में भी दस्तक दे चुका है। पाली शहर के करणी माता मंदिर में एक पक्षी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। ऐसे में हर किसी को सावधान रहने की जरूरत है। जिससे पक्षियों का यह अति संक्रामक रोग मनुष्य तक नहीं आए। खासकर उन लोगों को सतर्क रहना होगा, जो सीधे पक्षियों के सम्पर्क में आते हैं। जो लोग रोजाना पक्षियों को दाना डालते हैं, पक्षियों के दाना चुगने के स्थल या उनके पानी पीने के पात्रों की सफाई करते हैं। इस रोग की भयावहता के कारण ही जिला प्रशासन ने पाली शहर के लाखोटिया, करणी माता मंदिर, सुमेरपुर के नीलकंठ सहित जहां पर भी मृत कौए और पक्षी मिले है, वहां धारा 144 लागू की है।

मुर्गियों में नहीं फैला, यह राहत की बात
पक्षियों का यह अतिसंक्रामक रोग मुर्गियों में फैलता है। यह सुखद बात है कि अभी तक यह मुर्गियों तक नहीं पहुंचा है। यह पक्षियों तक है। इस कारण चिकन व अंडे खाने वालों को अभी घबराने की जरूरत नहीं है।

करणी माता मंदिर को किया सेनेटाइज
करणी माता मंदिर क्षेत्र में एक कौए का सेम्पल पॉजिटिव आने के बाद वहां शनिवार को वन विभाग के कार्मिकों को तैनात कर दिया गया। इसी तरह लाखोटिया में भी कार्मिक लगाए गए। इन दोनों जगहों को संक्रमण से मुक्त करने के लिए सेनेटाइज भी किया गया। इसके साथ ही पक्षियों के लिए रखे पुराने दानों को हटाकर नए दाने डाले गए। जिससे अन्य पक्षियों में संक्रमण की आशंका कम रहे।

एक्सपर्ट व्यू...
बर्ड फ्लू इन्फ्लूएंजा वासयस के कारण होता है। यह रोग होने पर सामान्य रूप से बदन दर्द, जुकाम, खांसी आदि लक्षण दिखाई देते है। इस रोग का पता लगाने के लिए जांच कराना जरूरी है। इसमें एक तरह से निमोनिया होता है। इसमें मृत्यु दर 60 प्रतिशत तक है। जबकि कोरोना में यह दर 1 से 2 प्रतिशत ही है। यह रोग मुख्य रूप से पक्षियों व मुर्गियों आदि से मनुष्य में आता है। मनुष्य के संक्रमित होने पर यह तेजी से फैल सकता है। इससे बचाव के लिए मुंह व नाक को ढककर रखना, बार-बार हाथ धोना, संक्रमित पक्षियों वाले स्थल पर नहीं जाना, मांस का सेवन नहीं करना चाहिए। -डॉ. एमएच चौधरी, एचओडी मेडिसन विभाग, पाली

सावधानी रखना जरूरी
इस बीमारी से बचाव के लिए सावधानी रखना जरूरी है। पक्षियों को चुग्गा डालते समय मुंह पर मास्क लगा कर जाना चाहिए। घर वापस आने पर जूतों को धो देना चाहिए। मृत पक्षियों को हाथ नहीं लगाए। मुर्गी में किसी प्रकार की बीमारी नहीं है। -डॉ. चक्रधारी गौतम, संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग, पाली

ऐसे है हालात
31 कौओं के सैम्पल भेजे थे जांच में भोपाल
01 करणी माता मंदिर से लिए कौए के सैम्पल की रिपोर्ट आई पॉजिटिव
25 सैम्पल भेजे थे 8 जनवरी तक
6 सैम्पल भेजे है 9 जनवरी को

यह करना होगा चुग्गा डालने वालों को
-पक्षियों को चुग्गा डालते समय हाथों में गलव्ज पहने
-पक्षियों से 20 से 30 फीट की दूरी रखे
-दाना डालने के बाद घर आते ही जूतों को पानी से धोना जरूरी
-मुंह पर मास्क पहनकर ही दाना डालना चाहिए
-मृत पक्षियों को हाथ नहीं लगाना

ऐसे फैलता है रोग
-रोगी पक्षी की लार, नाक/आंख के स्राव व बीट से
-रोगी पक्षी के सीधे सम्पर्क से अथवा संक्रमित बीट, आंख/नाक के स्रोव के सम्पर्क में आए व्यक्ति, आहार, पानी व उपकरणों से
-रोगी व्यक्ति के छींकने, खांसने व उससे हाथ आदि मिलाने से

पक्षी में रोग के लक्षण
-अचानक अधिक संख्या में पक्षियों की मौत होना (100 प्रतिशत तक)
-पक्षी सुस्त होकर खाना-पीना बंद कर दे
-अण्डा उत्पादन में अत्यधिक कमी
-पक्षी के तीव्र जुकाम तथा आंख व नाक में स्राव
-पक्षी की सिर व गर्दन पर सूजन
-कलंगी व लटकन पर सूजन व नीलापन

Suresh Hemnani
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