तिल के व्यंजनों से सजा बाजार, सेळी बनी पसंद

-मकर संक्रांति को लेकर जिलेवासियों में उत्साह
-महिलाएं कर रही तेरुंडे की खरीदारी

By: Suresh Hemnani

Published: 13 Jan 2021, 10:00 AM IST

पाली। तिल के व्यंजनों का पर्व मकर संक्रांति को लेकर जिलवासियों में उत्साह है। इसके साथ ही मळ मास समाप्त हो जाएगा और शुभ कार्य किए जा सकेंगे। मकर संक्रांति पर तिल के व्यंजन खाने की परम्परा के चलते इन दिनों बाजार में तिल के लड्डू के साथ तिल पट्टी, गजक, तिल की सेळी आदि की मांग बढ़ गई है। मिठाई विक्रेताओं के साथ ही पतासे का व्यापार करने वाले भी अब तिल से बने व्यंजन बेच रहे हैं। इधर, महिलाओं ने मकर संक्रांति पर दान कर पुण्य कमाने के लिए तेरुंडे की खरीदारी शुरू की है। इस कारण बाजार में अभी रौनक है।

परम्परा से हटकर करने का प्रयास
जिले में कई महिलाएं तेरुंडे में परम्परा से हटकर कार्य करने वाली है। वे इस बार तेरुंडे में पक्षियों में चुग्गा डालने वाली है। वहीं कई महिलाओं कोरोना के प्रभाव को देखते हुए साबून और मास्क तेरुंडे में देने के लिए मंगवाए है। उनका कहना है कि ऐसा करने से समाज में नया संदेश भी जाएगा।

मंदिरों में करेंगी दान
महिलाएं मकर संक्रांति पर मंदिरों में भी दान करेंगी। कई महिलाओं का कहना है कि कोरोना के कारण घर-घर जाकर सामग्री वितरण के बजाय मंदिर में देंगी। जिससे संक्रमण का खतरा नहीं रहे। वहीं कई महिलाएं गायों व पक्षियों को घास व चुग्गा देकर ही परम्परा का निर्वहन करेंगी।

घर पर ही बनाए लड्डू
तिल के लड्डू बाजार में शक्कर के अधिक मिलते है। मैंने इसबार घर पर ही गुड़ के तिल के लड्डू बनाए है। इसके अलावा तेरुंडे में देने के लिए साबून लाए है। मेरी सहेली ने मास्क तेरुंडे में मंगवाए है। -दुर्गा देवी, गृहिणी

गायों को डालेंगे चारा
तेरुंडे की तेरह चीजे देने की परम्परा के तहत इस बार स्टील की प्लेट आदि की जगह पर घर में उपयोग आने वाले कचरा पात्र खरीदने का सोचा है। गायों को चारा डालेंगे। पक्षियों के लिए चुग्गा भी मंगवाया है। -राजकुमारी सोनी, गृहिणी

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