VIDEO : बारिश की कामना को लेकर चरवाहों ने निभाई ये परम्परा, जानकर आप भी चौक जाएंगे, पढ़ें पूरी खबर

Suresh Hemnani

Updated: 11 Jul 2019, 02:09:31 PM (IST)

Pali, Pali, Rajasthan, India

पाली/धनला। देवासी जाति के चरवाहों ने परपंरा का निवर्हन करते हुए अपने पशुधन रेवड़ को सामूहिक रूप से जिले के धनला गांव के बजरंगबली गोशाला के पास स्थित मामाजी मंदिर परिसर में बिठाकर पीढिय़ों से चली आ रही देव स्थान पर रेवड़ बिठाने की पंरपरा को निभाया। 50 से अधिक चरवाहों ने अपने रेवड़ घर ले जाने की बजाय मंदिर परिसर के पास खुले आसमान के नीचे मामाजी महाराज के मंदिर परिसर की ओरण में बिठाया तथा सुखद बारिश की कामना की। रात में भजन कीर्तन के बाद दिन में रेवड़ को चराई के लिए लेकर रवाना हुए।

पीढिय़ों से चली आ रही परंपरा
चरवाह परिवार के बादरराम मरूवा, धन्नाराम, पोकरराम वागाजी भुकू, राणाराम आदि ने बताया कि वर्ष में एक बार सुखद बारिश व पशुधन के सेहत के मनोरथ को लेकर इस प्रकार से रेवड़ों को बाहर देव स्थान पर बिठाया जाता है।

स्वेच्छा से करते सरोवर किनारे मिट्टी डालने का श्रमदान
सरपंच अमराराम देवासी तथा जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव भुण्डाराम देवासी ने बताया कि समाज के चरवाहे परिवार इस रस्म के तहत मामाजी के मंदिर पर रात्रि में भजन कीर्तन आराधना करते हैं। दूसरे दिन गांव में स्थित मामानाड़ी पर समाज की महिलाएं व पुरुष स्वेच्छा से श्रमदान कर नाड़ी की पाल पर मिट्टी डालने का कार्य करते हैं।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned