VIDEO : पाली: सिलिकोसिस मरीजों को प्रमाण पत्र के लिए दिनभर करना पड़ा इंतजार, तीन फर्जी मरीजों को पकड़ा

- हर माह दर्जनों मरीजों को जिला मुख्यालय के चक्कर काटने पडऩे है

By: Suresh Hemnani

Published: 18 Feb 2020, 08:39 PM IST

पाली। बांगड़ अस्पताल [ Bangar Medical College Hospital ] में डिजिटल एक्सरे मशीन खराब होने के कारण सिलिकोसिस मरीजों [ Silicosis patient ] को प्रमाण पत्र लेने के लिए दिनभर लाइन में लग कर इंतजार करना पड़ा। डिजिटल मशीन खराब होने के कारण चिकित्सा अधिकारियों को मैनुअल एक्स-रे करने पड़े। एक मरीज का मैनुअल एक्स-रे करने में करीब आध घंटा लगता है। जिससे सिलिकोसिस मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।

शिविर में 186 मरीजों को रजिस्टे्रशन हुआ। जिसमें 22 मरीजों को प्रमाण पत्र बांटे गए। चार प्रमाण पत्र मृतक के परिजनों को दिए गए। शिविर में अधिकांश मरीज रायपुर, बर व जैतारण क्षेत्र से आए थे। इस क्षेत्र में अधिकतर लोग खदानों, पत्थर तरासने, तोडने, क्रेसर ईट भट्टों पर काम करते है। सांस के साथ उनके फेफड़ों में सिलिकोसिस के कण चले जाते और वे इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आ जाते है। ऐसे मरीजों को सांस लेने में कठिनाई आती है। खांसी आना, बुखार, सीने में दर्द, थकान आदि का शिकार हो जाते है। शिविर प्रभारी डॉ. ललित कुमार शर्मा ने बताया कि डॉ. अमादान राव, डॉ. बालाराम चौधरी ने मरीजों की जांच कर प्रमाण पत्र बांटे।

तीन फर्जी मरीज पकड़े
शिविर प्रभारी डॉ. ललित कुमार शर्मा ने बताया कि शिविर में तीन फर्जी मरीजों को पकड़ा। यह लोग दूसरे मरीजों के सट्रिफिकेट लेकर आ गए। जबकि यह सिलिकोसिस बीमारी के मरीज नहीं थे। सरकारी सहायता के लिए फर्जी सिलिकोसिस मरीज बन गए।

हर माह जिला मुख्यालय का चक्कर काटने पड़ते है
सिलिकोसिस मरीजों को तहसील स्तर पर प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण मरीजों को जिला मुख्यालय के चक्कर काटते पड़ते है। बीमार होने के कारण मरीजों को जिला मुख्यालय पर आने के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़त है। यहां पर जिलेभर से मरीज आने के कारण लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। जिससे और भी समस्या बढ़ जाती है। -कालूराम, सिलिकोसिस मरीज, जैतारण

सिलिकोसिस मरीजों की सुनवाई नहीं हो रही है
सिलिकोसिस मरीजों की कोई सुनवाई नहीं होती है। एक्स-रे मशीन खराब होने के कारण दिनभर लाइन में खड़ा रहना पड़ा। मरीज बीमार होने के कारण परिजनों को कई घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। ब्लांक स्तर पर ही मरीजों को सिलिकोसिस मरीजों को प्रमाण पत्र देने की व्यवस्था होनी चाहिए। -पोकरराम, सिलिकोसिस मरीज के परिजन, बर

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