Teachers Day 2019 : छड़ी के सहारे पहले खुद जीवन बदला और अब संवार रहे देश का भविष्य, पढ़ें पूरी खबर...

-पाली जिले के जोजावर क्षेत्र के बांसौर ग्राम पंचायत के जोड़किया गांव के राजकीय आदर्श माध्यमिक विद्यालय के नेत्रहीन शिक्षक बोहराराम चौधरी की स्पेशल स्टोरी...
Special story of teachers day :

By: Suresh Hemnani

Updated: 05 Sep 2019, 03:55 PM IST

पाली/धनला। Special story of teachers day : जिले के जोजावर क्षेत्र के बांसौर ग्राम पंचायत के जोड़किया गांव के राजकीय आदर्श माध्यमिक विद्यालय के नेत्रहीन शिक्षक बोहराराम चौधरी के जीवन में कुदरत ने कहर ढाया। उन्होंने इस कहर से लडकऱ जीवन की ऐसी जंग जीती और अब देश का भविष्य संवारने में लगे हैं। उनके जीवन का एक ही उद्देश्य है बच्चे पढ़लिखकर देश का नाम रोशन करे। जोजावर के रहने वाले नेत्रहीन शिक्षक चौधरी के आंखों की रोशनी नहीं होने के बावजूद सामाजिक ज्ञान विषय पर उनकी जबरदस्त पकड़ है। वे आज घटित होने वाली घटनाओं के साथ इतिहास को जोडकऱ इतना बेहतर तरीके से समझाते है कि किसी बच्चे का उनके कालांश में एक मिनट के लिए भी ध्यान नहीं भटकता।

ऐसे पहुंचते है स्कूल
वे रोजाना जोजावर से पांच किलोमीटर का सफर कर अपने 10 वर्षीय पुत्र उत्तम को साथ स्कूल आते है। श्याम पट्ट पर किसी एक छात्र-छात्रा से पाठ का नाम, दिनांक तथा विषय अंकित करवाकर अध्ययन करवाते है। वे रोजाना कक्षा के अलग-अलग विद्यार्थी से पाठ पढऩे का कहते है। इससे बच्चे को पढऩे का अभ्यास होता है और उसे विषय बेहतर तरीके से भी समझ आता है।

अंध विद्यालय में ग्रहण की शिक्षा
उन्होंने बताया कि बचपन में ही आंखों की रोशनी खोने के बाद जोधपुर कमला नेहरू नगर स्थित अंध विद्यालय से मीडिल क्लास तक प्रारंभिक शिक्षा अर्जित की। उसके बाद ओपन परीक्षा देकर जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय से बीए की। टीटी कॉलेज बीकानेर से बीएड करने के बाद वर्ष 2008 में जोजावर के मीडिल स्कूल में नियुक्त हुआ। उन्होंने बताया कि वे पहले छड़ी के सहारे चलते थे। आज बेटा उनका सहारा बन रहा है।

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