कोविड से तो जीत गए जंग, अब जिंदगी बढ़ रही शुगर के संग

-कोरोना की दूसरी लहर से ठीक होने वाले कई लोग हो गए शुगर के मरीज
-कोविड ठीक होने पर भी फूल रही सांसें

By: Suresh Hemnani

Published: 15 Jun 2021, 04:05 PM IST

पाली। कोविड की दूसरी लहर भले ही ढलान पर है, लेकिन उसका असर अभी तक कोविड की चपेट में आए लोगों के शरीर से गया नहीं है। जिसके ये दो उदाहरण है। ऐसे कई लोग है, जिनको कोविड होने से पहले शुगर या सांस लेने में कोई तकलीफ नहीं थी, लेकिन कोविड में ली गई दवाओं के कारण अब वे शुगर व सांस के मरीज हो गए है। चिकित्सकों से दवा भी ले रहे हैं, लेकिन शुगर व सांस की तकलीफ दूर नहीं हो रही है। इसके अलावा पोस्ट कोविड में मरीजों को हाथ-पैरों में कमजोरी, हृदय गति तेज होना व हल्की खांसी रहने जैसे लक्षण भी लगातार बने हुए है।

केस एक
पाली शहर की रहने वाली 40 साल की एक महिला का एक माह पहले ऑक्सीजन लेवल 80 पर पहुंच गया। उसे कोविड में स्टॉरायड सहित अन्य दवा दी गई। उनको शुगर लेवल बढ़ गया। जो अभी तक सामान्य नहीं हो सका है। उनको इंसूलिन का इंजेक्शन लेना पड़ रहा है। जबकि कोविड होने से पहले शुगर की बीमारी नहीं थी।

केस दो
सोजत के रहने वाले एक जने को कोविड होने पर जोधपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां पर आठ-दस दिन उपचार के बाद छुट्टी तो दी गई, लेकिन शुगर लेवल अभी तक नहीं घटा है। जबकि उनको घर आए करीब दो माह हो चुके है। उनको सांस लेने में तकलीफ अभी तक है। उनको भी कोविड से पहले शुगर नहीं थी।

यह मानते है विशेषज्ञ
विशेषज्ञों की माने तो स्टोरायड, रमेडिसिवीर व एनजाइटी (एक तरह से मानसिक तनाव) आदि के कारण शुगर का लेवल बढ़ा है। अस्पताल में भर्ती कई मरीजों को यह परेशानी हुई है। कई लोगों का शुगर लेवल तो 400 से 500 पर पहुंच गया था। इस पर उनकासे इंसुलिन दिए गए। ये वे मरीज थे, जिनको कोविड से पहले शुगर नहीं थी। इनमें से कुछ ऐसे थे। जिनके घर जाने के बाद एक-दो माह में शुगर लेवल ठीक हो गया। जबकि कुछ ऐसे है, जिनके शुगर की गोली या इंसुलिन लागू हो गया है।

100 मीटर चलना मुश्किल
कोविड के कारण अब कई मरीजों से 100 मीटर भी नहीं चला जा रहा है। उनकी टॉयलेट तक जाने में ही सांस फूल जाती है। इसका कारण विशेषज्ञ फाइब्रोसिस (वह स्थिति जिसमें फेफड़े पूरी तरह खराब होने लगे) है। इस कारण सांस छिद्रों में हवा नहीं जाती और मरीज सांस ले पाते। ऐसे मरीजों को ब्रोम्कोडायलेक्टर (सांस की नली को चौड़ा करना) के लिए दवा या पम्प दिया जा रहा है।

यह करना चाहिए मरीजों को
-मॉर्निग वॉक रोजाना करनी चाहिए
-बैलून फुलाना, गहरी सांस लेकर छोडऩी चाहिए
-लेटकर गहरी सांस लेकर छोडऩे का अभ्यास करना चाहिए
-प्रोटीन की अधिक मात्रा वाली डाइट लेनी चाहिए। जिसमें दाले, पनीर आदि शामिल हो।
-व्यायाम करने के साथ भरपूर नींद लेनी चाहिए।
-तनाव नहीं करना चाहिए।
-इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए फल खाने चाहिए।

पोस्ट कोविड के आ रहे मरीज
पोस्ट कोविड के मरीज अस्पताल आ रहे है। उनमें सांस की तकलीफ, कमजोरी आदि के मरीज अधिक है। कई मरीजों की शुगर कोविड के बाद बढ़ी है। पोस्ट कोविड उपचार के लिए दवा के साथ अच्छी डाइट के साथ व्यायाम आदि करने व फिजियोथैरेपी की सलाह देते हैं। -डॉ. ललित शर्मा, रेस्पिरेटरी विशेषज्ञ, बांगड़ चिकित्सालय, पाली

Suresh Hemnani
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