उपलब्धि : महिला मेट के मामले में सुमेरपुर जिले में अव्वल

-पाली जिले के सुमेरपुर ब्लॉक में 50.22 प्रतिशत महिलाएं हैं मेट

By: Suresh Hemnani

Published: 01 Jul 2020, 11:14 AM IST

पाली/सुमेरपुर। राजस्थान के पाली जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गांरटी योजना [ Mahatma Gandhi National Employment Guarantee Scheme के तहत संचालित कार्यों पर मजदूरी के साथ अब इसकी मॉनिटरिंग में भी महिलाएं आगे आ रही हैं। सुमेरपुर ब्लॉक [ Sumerpur Block ] पूरे पाली जिले में महिला मेट [ MNREGA Women's Mate ] के मामले में सबसे आगे हैं। यहां मनरेगा पर 50.22 प्रतिशत महिलाएं मेट हैं।

इस बार लॉकडाउन के कारण मनरेगा पर महिला मजदूरों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। केन्द्र सरकार की गाइड लाइन के अनुसार मनरेगा पर मेट लगाने से पहले उन्हें विभागीय दक्ष प्रशिक्षक द्वारा प्रश्क्षिण दिया जाता है। मेट प्रशिक्षण में मनरेगा के तहत औसत मजदूरी दर को बढ़ाने, अधिकाधिक महिला मेट का नियोजन करने, कार्य की गुणवत्ता बढ़ाने, कार्य के तकनीकि पक्ष सुदृढ़ करने व स्थाई परिसंपतियों का सुदृढीकरण करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है।

सुमेरपुर ब्लॉक जिले में पहले पायदान पर
जिले में मनरेगा योजना के तहत चल रहे कार्यों को लेकर पाली जिले के सभी 10 ब्ल्ॉाक में सुमेरपुर ब्लॉक में 50.22 प्रतिशत महिला मेट कार्यरत होने के कारण इसे पहला स्थान प्राप्त हुआ है। इसी प्रकार बाली में 30.91, देसूरी में 37.40, जैतारण में 24.09, मारवाड़ जंक्शन में 44.10, पाली में 31.17, रायपुर में 38.59, रानी में 41.64, रोहट में 46.02 व सोजत में 26.58 प्रतिशत महिला मेट हैं।

अधिकारी ने बताया
मनरेगा योजना में महिलाओं ने अधिक भागीदारी की है। उपखण्ड अधिकारी देवेन्द्रकुमार यादव के अधिकाधिक महिला मेट लगाने के आग्रह पर विशेष रणनीति तैयार कर 50 प्रतिशत महिला मेट लगाने का लक्ष्य पूरा किया। इसके परिणाम भी अच्छे प्राप्त हुए हैं। पुरुषों की तुलना में महिला मेट कर्तव्यनिष्ठ होती हैं। सुमेरपुर ब्लॉक ने जिले में पहला स्थान प्राप्त किया है। - नारायणसिंह राजपुरोहित, विकास अधिकारी, पंचायत समिति, सुमेरपुर

Suresh Hemnani Desk
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