मुफलिसी में जी रहे पूर्व प्रधान, 15 साल में किसी ने नहीं पूछी कुशलक्षेम

मजबूरी : हादसे के बाद जीवन बन गया अंधकारमय
-ताराराम मीना 2000 को चुने गए थे सुमेरपुर प्रधान

By: Suresh Hemnani

Published: 16 Dec 2020, 08:54 AM IST

पाली/पावा। फरवरी 2000 में सुमेरपुर प्रधान के चुनाव संपन्न हुए। चुनाव में भाजपा ने प्रधान के पद पर प्रत्याशी उतारा। जीत के बाद में चंहुओर खुशी का माहौल रहा। आरक्षित सीट पर पावा निवासी 12वीं उत्तीर्ण ताराराम मीना प्रधान चुने गए। 2005 में पांच साल पूर्ण हुए। 2003 में सुमेरपुर से पावा लौटते समय सांडेराव के समीप एक हादसे में वे घायल हो गए। उसके बाद परिजनों ने काफी राशि खर्च कर उपचार करवाया। 2018 में पैरालेसिस भी हो गया। परिजनों ने फिर से उपचार करवाया। पूर्व प्रधान मीना इन दिनों मुफलिसी में जीवन जी रहे हैं। घर पर चारपाई पकड़ रखी है। पत्नी गीतादेवी व परिजन उसे हाथों में पकडकऱ दिनचर्या पूर्ण करवाते हैं। परिजनों का कहना है कि भाजपा के किसी भी पदाधिकारी ने बीते 15 सालों में उनके निवास पर आकर कुशलक्षेम तक नहीं पूछी।

ये है परिवारिक स्थिति
पावा निवासी ताराराम मीणा की खिंमाड़ा निवासी गीता से शादी हुई। उनके एक लडक़ा व छह लड़कियां हैं। लडक़ा अभी कक्षा 11 में अध्यनरत है। उनके परिवार में आय के स्रोत नहीं हैं। परिवार की खेती की जमीन से जो हिस्सा मिलता है उसी से काम चलाया जाता है। उपचार आदि में उनके भाई सहयोग करते हैं।

इनका कहना है...
-पार्टी की मजबूती के लिए घर घर वोट मांगने आते हैं। ऐसे में किसी भी जनप्रतिनिधि की सुध तक नहीं ली। -वीराराम मीना, भाई, पावा।

-किसी भी कार्यकर्ता ने उनको इस बारे में नहीं बताया है। वैसे मैं समय निकालकर पावा आता हूं। -मंशाराम परमार, जिलाध्यक्ष, भाजपा

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